उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं को सही ढंग से संपन्न कराने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। परिषद के सचिव भगवती सिंह ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआईओएस) को स्पष्ट आदेश दिए हैं कि परीक्षा केंद्रों पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कोई भी केंद्र व्यवस्थापक, वाह्य केंद्र व्यवस्थापक या कक्ष निरीक्षक की तैनाती नहीं की जाएगी। जिनके बच्चे उसी केंद्र पर परीक्षा दे रहे हों। गत वर्ष वाह्य केंद्र व्यवस्थापक के रूप में तैनात अधिकारियों की पुनः तैनाती पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा को अचूक बनाने के लिए प्रत्येक केंद्र पर सशस्त्र पुलिस बल की व्यवस्था अनिवार्य कर दी गई है। सचिव ने निर्देश दिए हैं कि स्ट्रॉन्ग रूम में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को मोबाइल फोन लेकर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा, प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर कम से कम 50 प्रतिशत स्टाफ की तैनाती वाह्य विद्यालयों से की जाएगी। जिसमें राजकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के योग्य, वरिष्ठ और अच्छी छवि वाले अध्यापकों को प्राथमिकता दी जाएगी।परीक्षा केंद्रों पर चार डबल लॉक युक्त अलमारियों की व्यवस्था अनिवार्य होगी। प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय अलमारी के पहले लॉक की एक चाबी वाह्य केंद्र व्यवस्थापक के पास और दूसरी चाबी स्टेटिक मजिस्ट्रेट के पास सुरक्षित रहेगी। डबल लॉक केवल स्टेटिक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में ही खोला जाएगा। आपात स्थिति में केंद्र व्यवस्थापक की अनुपस्थिति पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट चाबी का उपयोग कर सकेंगे। निरीक्षण के दौरान यदि किसी केंद्र पर अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित केंद्र व्यवस्थापक एवं वाह्य केंद्र व्यवस्थापक को तत्काल हटा दिया जाएगा। उनकी जगह राजकीय या अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य को केंद्र व्यवस्थापक या वाह्य केंद्र व्यवस्थापक तथा उक्त केंद्र के वरिष्ठतम अध्यापक को सह-केंद्र व्यवस्थापक नियुक्त किया जाएगा। शेष परीक्षाएं इसी व्यवस्था से संपन्न कराई जाएंगी और जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
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