DniNews.Live

Fast. Fresh. Sharp. Relevant News

युवा अधिवक्ताओं ने चैंबर हटाने से किया इंकार:न्यायिक अफसर से हुई वार्ता में नहीं बनी कोई सहमति, जबरन हटाने की तैयारी

मेरठ कचहरी में बनाए गए चैंबर को युवा अधिवक्ताओं ने हटाने से इनकार कर दिया है । 24 घंटे का अल्टीमेटम खत्म होने के बाद शुक्रवार शाम इन अधिवक्ताओं को वार्ता के लिए बुलाया गया जो बेनतीजा रही। युवा अधिवक्ताओं को तत्काल चेंबर हटाने के लिए बोला गया है। चेतावनी दी गई है कि अगर चेंबर को नहीं हटाया गया तो बल प्रयोग कर उसे ध्वस्त कर दिया जाएगा। उधर, अधिवक्ता चेंबर को अंदर से बंद कर वहीं डटे हैं। पहले जानते हैं क्या है मामला कचहरी में बड़ी संख्या में अधिवक्ता चैंबर के लिए भटक रहे हैं। इसी के चलते कुछ अधिवक्ताओं ने एक रास्ते को कब्जा कर वहां अपने लिए रातों रात चैंबर खड़ा कर लिया। गुरुवार सुबह लोग पहुंचे तो चैंबर को देखकर दंग रह गए। विरोध होता गया और न्यायिक अफसरों को हस्तक्षेप करना पड़ा। कई घंटे की मशक्कत के बाद भी जब चैंबर नहीं हटा तो केंद्रीय नजारद जनपद न्यायालय की ओर से इन अधिवक्ताओं को नोटिस देकर 24 घंटे की चेतावनी जारी कर दी गई। दोपहर में पूरे हो गए 24 घंटे जिन अधिवक्ताओं ने यह चैंबर बनाया है, उनके नाम ठाकुर उमेश चौहान, संजीव कुमार शुक्ला, सुनील कुमार शर्मा, पुनीत कुमार मिश्रा, चंद्र भान, चौधरी हरतीप सिंह, चौधरी सैफ, सुशीला लोधी, फरहीन खान और सानिया खान शामिल हैं। उमेश चौहान ने बताया कि बड़ी संख्या में युवा अधिवक्ता काफी समय से चैंबर के लिए चक्कर काट रहे हैं। जबकि सिक्के का दूसरा पहलू यह भी है कि वरिष्ठ अधिवक्ताओं के नाम पर कई कई चैंबर हैं। कुछ तो ऐसे हैं कि वह यहां रहते भी नहीं हैं। बोले- यहां अवैध चैंबरों की भरमार एडवोकेट संजीव कुमार शुक्ला ने कहा कि उनकी मांग जायज है। अधिवक्ताओं की संख्या बढ़ रही है लेकिन उनको सहूलियत नहीं मिल रहीं। इस जगह पर कूड़ा भरा होता था। जरूरत के हिसाब से उन्होंने इसे साफ किया और बैठने के लिए कुर्सी टेबल डाल दी। यह चैंबर इतना ही गलत है तो उन्हें बैठने के लिए टेबल-कुर्सी की जगह दी जाए और फिर चैंबर हटा लिया जाए। उन्होंने कहा कि यहां सर्वे कराया जाए तो पता चल जाएगा कि कितने अवैध चैंबर यहां हैं। दो चरण में वार्ता, दोनों विफल
शुक्रवार दोपहर को न्यायिक अफसरों की ओर से दिया गया 24 घंटे का अल्टीमेटम खत्म हो गया। इसके बाद एक न्यायिक अफसर द्वारा अधिवक्ताओं को वार्ता के लिए बुलाया गया। दो अधिवक्ता संजीव कुमार शुक्ला व फरहीन वार्ता के लिए पहुंचे लेकिन वार्ता बेनतीजा रही। शाम को अधिवक्ता को फिर एक बार बुलाया गया। करीब आधा घंटे तक वार्ता हुई। माना जा रहा था कि कोई ना कोई समाधान निकलेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। नियमानुसार व्यवस्था का भरोसा दिलाया गया लेकिन उससे पहले चैंबर हटाने का दबाव बनाया गया। चैंबर के भीतर ही डटे अधिवक्ता वार्ता के दौरान युवा अधिवक्ता ने कचहरी परिसर के विभिन्न हिस्सों में बने चैंबरों को लेकर चर्चा की। उमेश चौहान ने साफ कर दिया कि वह चैंबर नहीं हटाएंगे। इसके बाद न्यायिक अफसर ने सख्त लहजे में कहा कि अगर चैंबर खुद नहीं हटाते तो वह हटवा देंगे। इसके बाद अधिवक्ता बीच में ही वार्ता खत्म कर अपने चैंबर पर पहुंचे और दोबारा धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि वह जायज मांग लेकर बैठे हैं। प्रशासन जो अत्याचार करना चाहता है, कर ले। वह नहीं हटेंगे।


https://ift.tt/I4BibL0

🔗 Source:

Visit Original Article

📰 Curated by:

DNI News Live

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *