सेक्टर-150 स्थित स्पोर्ट्स सिटी के ए-3 भूखंड में इंजीनियर युवराज मेहता की मौत जिस गड्ढे में डूबने से हुई, उसकी खुदाई तय मानकों से कई गुना ज्यादा की गई थी। नोएडा प्राधिकरण की ओर से बिल्डर को सिर्फ एक बेसमेंट बनाने की अनुमति दी गई थी, लेकिन बिल्डर ने नियमों को ताक पर रखकर डबल बेसमेंट की खुदाई कर दी। इससे गड्ढे की गहराई 60 से 70 फीट तक पहुंच गई। प्राधिकरण के एसीईओ सतीश पाल के मुताबिक, बिल्डर को खनन विभाग से दो एनओसी दी गई थीं। पहली 3 मीटर और दूसरी 5 मीटर, यानी कुल 8 मीटर तक खुदाई की अनुमति थी। इसके बावजूद बिल्डर ने करीब 20 मीटर तक खुदाई कर दी।
नियमों से ज्यादा खुदाई के चलते 2022 से ही गड्ढे में पानी भरना शुरू हो गया था। एसआईटी की जांच में सामने आया है कि जिस गड्ढे में युवराज की कार गिरी, उसकी अनुमानित गहराई जलभराव समेत 55 से 70 फीट थी। इसी गड्ढे में गिरने से कार पानी में डूब गई और युवराज मेहता की मौके पर ही मौत हो गई। 12 मंजिला इमारत का नक्शा, 644 गाड़ियों की पार्किंग
नोएडा प्राधिकरण ने बताया कि हादसा स्थल स्पोर्ट्स सिटी के प्लॉट नंबर-2 से सब-डिवीजन के बाद निकाले गए ए-3 भूखंड पर स्थित है। करीब 27,185 वर्ग मीटर के इस प्लॉट पर साल 2017 में 12 मंजिला इमारत के निर्माण का नक्शा पास किया गया था। इसमें एक बेसमेंट की अनुमति दी गई थी, जिसमें नक्शे के अनुसार 644 वाहनों की पार्किंग प्रस्तावित थी।
तीन विभागों की ओर से भेजे गए पत्र
युवराज मौत मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम अपनी प्राथमिक रिपोर्ट शासन को सौंप चुकी है। अब जिम्मेदारी तय करने के लिए प्राधिकरण, पुलिस और जिला प्रशासन से मिले जवाबों को और स्पष्ट कराया जा रहा है।
इस मामले में बिल्डर को नियोजन विभाग, वर्क सर्कल और जल विभाग की ओर से पत्र भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई है।
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