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मोबाइल-गेमिंग के दौर में नन्हें वैज्ञानिकों का कमाल:कानपुर में 7वीं क्लास के छात्रों ने AI रोबोट बनाया, नेवी चीफ को सैल्यूट किया

आज के दौर में जहां बच्चे स्मार्टफोन और गेमिंग तक सिमटते जा रहे हैं, वहीं कानपुर के सर पदमपत सिंघानिया एजुकेशन सेंटर के दो होनहार छात्रों ने अपनी प्रतिभा से अलग पहचान बनाई है। कक्षा 7वीं में पढ़ने वाले 13 वर्षीय शौर्य और अनग ने अपने रोबोटिक्स शिक्षक अखिलेश कुमार के मार्गदर्शन में एक अत्याधुनिक एआई रोबोट तैयार किया है, जिसका नाम उन्होंने ‘अनुष्का’ रखा है। नेवी चीफ को किया सैल्यूट, बोले ‘जय हिंद’
इस रोबोट की सबसे बड़ी उपलब्धि तब सामने आई जब भारतीय नौसेना प्रमुख दिनेश के. त्रिपाठी ने इसे देखा। रोबोट ‘अनुष्का’ ने नेवी चीफ को स्मार्ट सैल्यूट करते हुए ‘जय हिंद’ कहा, जिसे देखकर वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए। नेवी चीफ ने बच्चों की रचनात्मक सोच की जमकर तारीफ की और इसे भविष्य की तकनीक की दिशा में बड़ा कदम बताया। सोफिया से प्रेरणा, दो साल की मेहनत
छात्र अनग ने बताया कि उन्हें यह रोबोट बनाने की प्रेरणा सऊदी अरब की मशहूर रोबोट ‘सोफिया’ से मिली। इस प्रोजेक्ट को तैयार करने में दोनों छात्रों को करीब दो साल का समय लगा और लगभग एक लाख रुपये की लागत आई। क्या-क्या कर सकती है ‘अनुष्का’
यह एआई रोबोट जनरल नॉलेज के सवालों के सटीक जवाब देने में सक्षम है। तीन घंटे चार्ज होने पर यह 5 से 8 घंटे तक काम कर सकती है। स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और स्टेम (STEM) लर्निंग में इसके उपयोग की संभावनाएं हैं। इसमें हाथ लगाए गए हैं, जिससे यह सामान उठा सकती है। टीम अब इसे उबड़-खाबड़ रास्तों पर चलने के लिए और विकसित कर रही है। AI खतरा नहीं, अवसर है: शौर्य
शौर्य का मानना है कि एआई भविष्य के लिए खतरा नहीं, बल्कि एक बड़ा अवसर है। अगर इसे शिक्षा और सही दिशा से जोड़ा जाए, तो यह इंसानों का बेहतरीन सहयोगी बन सकता है। दोनों छात्रों का अगला लक्ष्य इस रोबोट को डिफेंस सेक्टर के लिए और उन्नत बनाना है, ताकि यह सैनिकों की मदद कर सके। माता-पिता बोले- हमें गर्व है
बच्चों की इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है। अनग के पिता दीपक अवस्थी ने कहा कि मोबाइल युग में बेटे का रचनात्मक काम करना गर्व की बात है। वहीं शौर्य के माता-पिता शोभित शुक्ला और रिचा शुक्ला ने बताया कि वे शौर्य को हर कदम पर सहयोग देंगे। नन्हे वैज्ञानिकों का सपना
शौर्य और अनग का कहना है कि उनका मकसद एक ऐसा रोबोट बनाना है, जो इंसानों की मदद कर सके। अभी वे इसके चलने की क्षमता और डिफेंस एप्लीकेशन पर लगातार काम कर रहे हैं।


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