राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव एक नए गंभीर मामले में घिर गए हैं। अयोध्या की एक संविदा नर्स ने उन पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालने का आरोप लगाया है। प्राचार्य पहले से ही भ्रष्टाचार के एक मामले में जांच का सामना कर रहे हैं। नर्स द्वारा दायर परिवाद पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट 6 जनवरी को सुनवाई करेगा। नर्स के बयान के अनुसार, 2 दिसंबर को मैटर्न प्रेमलता सिंह ने उसे प्राचार्य से बात करने के लिए कहा था। दोपहर 2:30 बजे से 3 बजे के बीच नर्स ने अपने मोबाइल से प्राचार्य के नंबर पर संपर्क किया। आरोप है कि इस दौरान प्राचार्य ने अश्लील बातें कीं और शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला, जिसे नर्स ने अस्वीकार कर दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है नर्स ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रशासनिक डॉक्टर आशीष शिवहरे, डॉ. सुरभि सिंह और मैटर्न प्रेमलता सिंह ने भी उस पर प्राचार्य की बात मानने का दबाव बनाया। उन्होंने कथित तौर पर चेतावनी दी कि बात न मानने पर उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे, लेकिन नर्स ने उनकी बात मानने से इनकार कर दिया। नर्स का आरोप है कि 1 दिसंबर से उसे अनुपस्थित दिखाकर ड्यूटी नहीं दी जा रही है। उसे बताया गया कि अब उसे केवल नाइट ड्यूटी मिलेगी और दिन में ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी। 2 दिसंबर को प्राचार्य ने कथित तौर पर शारीरिक संबंध बनाने की धमकी दी और गाली-गलौज करते हुए कहा कि यदि वह नहीं मानी तो उसकी हत्या करवा दी जाएगी और नौकरी से निकाल दिया जाएगा। नर्स ने की थी शिकायत नर्स ने यह भी बताया कि 1 दिसंबर को प्राचार्य ने उसे डरा-धमकाकर तीन सादे कागजों पर जबरन हस्ताक्षर करवाए थे। नर्स ने इस घटना की सूचना कोतवाली थाने में दी थी। वहां दरोगा ने इसे विभागीय मामला बताते हुए जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया था। हालांकि, थाने से कोई कार्रवाई न होने पर नर्स ने पुलिस अधीक्षक को भी प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन वहां से भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद नर्स ने कोर्ट से अपने परिवाद को स्वीकार कर जान-माल की रक्षा करने और कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
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