मैनपुरी में एक व्यक्ति पर अपने मृत भाई के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर करीब 9 वर्षों तक लेखपाल की नौकरी करने का गंभीर आरोप लगा है। जब इस धोखाधड़ी का उसकी पत्नी ने विरोध किया, तो कथित तौर पर उसे मारपीट, मानसिक उत्पीड़न और जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने गुरुवार को डीएम से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला हंसनगर निवासी अखिलेश कुमार से जुड़ा है। आरोप है कि अखिलेश के छोटे भाई अनिल कुमार ने लेखपाल पद की परीक्षा पास की थी। लेकिन 11 फरवरी 2016 की रात जहरीला पदार्थ खाने के बाद इलाज के दौरान पीजीआई सैफई में उनकी मौत हो गई। 12 फरवरी 2016 को इटावा में अनिल का पोस्टमार्टम हुआ। इसी बीच अनिल कुमार के नाम से लेखपाल पद का नियुक्ति पत्र घर पहुंच गया। लेखपाल पद पर करहल तहसील में तैनाती पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद अखिलेश कुमार ने आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेजों में हेरफेर कर मृत भाई अनिल कुमार के नाम से अपनी पहचान बना ली। 1 जून 2016 को लेखपाल पद पर कार्यभार ग्रहण कर लिया। वर्तमान में वह तहसील करहल में अनिल कुमार के नाम से तैनात है। इस पूरे फर्जीवाड़े में अखिलेश की मां अंगूरी देवी की भी कथित संलिप्तता बताई जा रही है। अखिलेश की पत्नी सुबीना देवी का कहना है कि जब उन्होंने इस अवैध नियुक्ति का विरोध किया, तो उनके साथ गाली-गलौज, मारपीट और मानसिक प्रताड़ना शुरू कर दी गई। आरोप है कि अखिलेश ने धमकी दी कि अगर उसने इस मामले का खुलासा किया तो वह उसे और उसके मायके वालों को जान से मार देगा। चाहे उसे जेल ही क्यों न जाना पड़े।
पीड़िता के अनुसार 28 अप्रैल 2024 की रात अखिलेश और उसकी मां ने मिलकर उसे बेरहमी से पीटा और दो दिनों तक घर में बंद रखा। बाहर से ताला लगा दिया गया। जिससे वह भूख-प्यास से तड़पती रही। किसी तरह जान बचाकर वह अपने पिता के घर फर्रुखाबाद पहुंची। अब सुबीना देवी ने डीएम को शिकायती पत्र सौंपकर मृत व्यक्ति के नाम पर नौकरी कर रहे कथित लेखपाल के खिलाफ कठोर कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
https://ift.tt/9NLQI7r
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply