मुरादाबाद में नर्सिंग स्टाफ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि वे दिन-रात मरीजों की सेवा में जुटे रहते हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी विभागीय समस्याओं का समाधान वर्षों से नहीं हुआ है। नर्सिंग कर्मियों ने अस्पतालों में स्टाफ की भारी कमी पर चिंता जताई, जिससे उन पर कार्यभार लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने संविदा और आउटसोर्सिंग व्यवस्था पर सवाल उठाए, जिससे उनके स्थायित्व और भविष्य की सुरक्षा प्रभावित हो रही है। पदोन्नति में देरी, लंबित भत्तों का भुगतान न होना और कार्यस्थल पर अपेक्षित सम्मान न मिलना भी उनकी प्रमुख शिकायतें हैं। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि वे अपनी मांगों को लेकर कई बार ज्ञापन सौंप चुके हैं और संबंधित अधिकारियों से बातचीत भी हुई है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। उनकी मुख्य मांगों में समान कार्य के लिए समान वेतन, समयबद्ध पदोन्नति, सभी लंबित भत्तों का शीघ्र भुगतान, स्टाफ की संख्या बढ़ाना और संविदा व आउटसोर्सिंग व्यवस्था पर रोक लगाना शामिल है। नर्सिंग स्टाफ ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और मरीजों की सेवाओं पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। उनका उद्देश्य केवल अपनी जायज़ मांगों की ओर सरकार और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना है। कर्मियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आगामी दिनों में आंदोलन को और तेज करेंगे। उन्होंने जंतर-मंतर, नई दिल्ली पहुंचकर अपनी आवाज बुलंद करने की भी तैयारी बताई।
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