मुरादाबाद में चीनी मांझे का उपयोग विद्युत विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। शहर और ग्रामीण इलाकों में पतंगबाजी के दौरान इस्तेमाल हो रहा यह मांझा 132 केवी और 220 केवी हाई वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनों पर उलझ रहा है, जिससे बिजली आपूर्ति बार-बार बाधित हो रही है और तकनीकी खराबी का खतरा बढ़ गया है। विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता अशोक चौरासिया ने बताया कि चीनी मांझा सामान्य सूत की डोर से अलग होता है। इसमें धातु की परत चढ़ी होती है, जो बिजली का तीव्र संवाहक बन जाती है। यदि यह मांझा हाई वोल्टेज तारों के संपर्क में आता है, तो लाइन ट्रिपिंग, स्पार्किंग और शॉर्ट सर्किट जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इससे ट्रांसमिशन लाइन के उपकरण भी क्षतिग्रस्त हो सकते हैं और बड़े क्षेत्र की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। चौरासिया ने यह भी चेतावनी दी कि चीनी मांझा केवल तकनीकी समस्या ही नहीं, बल्कि बच्चों, राहगीरों और बिजली कर्मचारियों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करता है। विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे केवल सुरक्षित और साधारण डोर का ही उपयोग करें, ताकि हादसों और बिजली आपूर्ति में बाधाओं से बचा जा सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में चीनी मांझे की बिक्री और उपयोग पर कड़ा प्रतिबंध लागू किया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि चीनी मांझे से किसी की मृत्यु होती है, तो इसे हत्या की श्रेणी में माना जाएगा। इस आदेश के बाद मुरादाबाद पुलिस सक्रिय हो गई है। बृहस्पतिवार शाम शहर के कई थाना क्षेत्रों, जिनमें मुगलपुरा, कटघर, गलशहीद, नागफनी, सिविल लाइंस, मझोला और कोतवाली शामिल हैं, में पतंग और मांझा बेचने वाली दुकानों की जांच की गई। दुकानदारों को प्रतिबंधित मांझा न बेचने की चेतावनी दी गई। एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। रामगंगा किनारे और अन्य प्रमुख स्थानों पर ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी की जा रही है। पुलिस ने कहा कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी उल्लंघन की स्थिति में कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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