मुरादाबाद में एक महिला ने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर पति को पानी में डुबोकर मार डाला। मर्डर को सुसाइड केस दिखाने के लिए महिला ने शव को नहर में फिंकवा दिया। पुलिस ने मंगलवार को महिला, उसके प्रेमी और अन्य दो साथियों को अरेस्ट किया है। महिला का कहना है कि मेरा पति मुझे प्रेमी से मिलने नहीं देता है। जब भी अपने प्रेमी से मिलने जाती तो वह मुझे पीटता था। मैं बहुत परेशान हो गई थी, इसीलिए मैंने अपने प्रेमी से कहकर पति को मरवा डाला। पूरा मामला भोजपुर थाना क्षेत्र सिरसवां गांव गांव गोधी का है। यहां 30 जनवरी को नहर में व्यक्ति का शव मिला था। अब जानिए पूरा मामला….. भोजपुर थाना क्षेत्र के गोधी गांव में रहने वाले अख्तर अली (43) की 19 साल पहले शबीना (36) से शादी हुई थी। अख्तर गांव में चाय की दुकान चलाता था। दोनों के एक बेटी जेहरा
और 5 बेटे अयान, फैजान, सलमान, शिफान और फैज हैं। अख्तर अली के भाई अफसर अली ने बताया- शबीना का पिछले करीब 2 साल से गांव के ही रहने वाले अल्ताफ से अफेयर चल रहा था। इसके लेकर अख्तर अली और शबीना (36) के बीच अक्सर झगड़ा होता था। 27 जनवरी से घर से गायब था अख्तर अली अफसर अली ने बताया- अख्तर 27 जनवरी को घर से किराने का सामान लेने निकला था। लेकिन वापस नहीं लौटा। काफी तलाश की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। इसके बाद 28 जनवरी को सुबह उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। दो दिन बाद 30 जनवरी को सिरसवा घोसियान के जंगल में नहर में राहगीरों ने उसका शव देखा। इसके बाद पुलिस ने हमें सूचना दी। शव का पोस्टमार्टम कराया गया तो पता चला कि अख्तर अली की डूबने से मौत हुई है। पुलिस इसे हादसा मानकर केस बंद करने की तैयारी में थी। फिर एसएसपी सतपाल अंतिल को शबीना और अल्ताफ के अफेयर की सूचना दी। पूछता हत्या की बात कबूल की सूचना मिलते ही एसएसपी ने पुलिस की एक टीम को इस एंगल पर जांच करने का निर्देश दिया। पुलिस ने शबीना और उसके प्रेमी अल्ताफ को पकड़कर पूछताछ शुरू की। पूछताछ में शबीना और प्रेमी अल्ताफ ने हत्या की बात कबूल की। इसके बाद पुलिस ने उनका साथ देने वाले अन्य दो साथी सनता उर्फ सन्ता और रंजीत को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई कार और अख्तर अली के पहने कपड़े भी बरामद किए हैं। पति प्रेमी से मिलने पर पीटता था, इसलिए मार डाला शबीना ने पुलिस को बताया- मेरा पति अख्तर अली मुझे मेरे प्रेमी अल्ताफ से मिलने नहीं देता था। जब किसी तरह उससे मिलती तो मुझे पीटता था। मैं अपने पति के साथ रहना नहीं चाहती थी। मुझे अपने बॉयफ्रेंड के साथ रहना था। जब भी ये बात मैं अख्तर से कहती तो वह मुझे बहुत मारता था। मैं परेशान हो गई, इसलिए मैंने अपने प्रेमी अल्ताफ के साथ मिलकर उसे मारने का प्लान बनाया। मैंने अल्ताफ से कहा कि मैं अब और पिटाई बर्दाश्त नहीं कर सकती। अलत्फा से कहा कि मेरे साथ संबंध रखना चाहते तो मेरे पति को अख्तर को ठिकाने लगा दो। इसके बाद अल्ताफ ने गांव के अपने दो दोस्तों संता और रंजीत सिंह के साथ मिलकर अख्तर को कार से नहर के पास ले गए। यहां नहर में डुबोकर उन्होंने अख्तर को मार डाला और उसी नहर में डाल दिया। फिर उसके कपड़े छुपा दिए। पुलिस ने पूछताछ के बाद कार और कपड़े भी बरामद किए हैं। ——————– ये खबर भी पढ़ें- ‘यूपी पुलिस गोली मारे नहीं तो क्या खाए’:पिस्तौल दी है, ट्रेनिंग मिली है; एनकाउंटर पर योगी का जवाब ‘2012 से 2017 के बीच यूपी में 900 से ज्यादा दंगे हुए। ऐसा कोई शहर नहीं था, जिसने कर्फ्यू का दौर न देखा हो। काई व्यापारी ऐसा नहीं था, जिसने गुंडा टैक्स न दिया हो। अपराध हावी था। ऐसे वक्त पर मुझे दायित्व सौंपा। हमने तय किया- जीरो टॉलरेंस।’ पढ़ें पूरी खबर….
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