DniNews.Live

Fast. Fresh. Sharp. Relevant News

मारपीट के 2 दोषियों को कोर्ट ने सुनाई सजा:एक-एक साल की हुई कैद, 7 साल बाद आया फैसला

मारपीट से जुड़े सात साल पुराने एक आपराधिक मामले में शनिवार को न्यायालय ने अहम फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या एक के न्यायाधीश मोहम्मद रफी ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए उन्हें एक-एक वर्ष के कारावास और अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया। यह मामला वर्ष 2017 का है, जो थाना मिश्रौलिया क्षेत्र के सेमरा बाबा गांव से संबंधित था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आपसी विवाद के दौरान आरोपियों ने पीड़ित के साथ मारपीट की थी, जिससे उसे चोटें आई थीं। घटना के बाद से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था। लंबी सुनवाई, गवाहों के बयान और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने निष्कर्ष निकाला कि आरोपियों पर मारपीट का आरोप प्रमाणित होता है। न्यायालय ने अपने फैसले में गम्मे उर्फ पृथ्वीराज पुत्र सन्ते उर्फ सन्तराम और विमला पत्नी गम्मे उर्फ पृथ्वीराज, निवासी सेमरा बाबा, थाना मिश्रौलिया को भारतीय दंड संहिता की धारा 323 के तहत दोषी माना। दोनों दोषियों को एक-एक वर्ष का कारावास और एक-एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में उन्हें अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अदालत ने टिप्पणी की कि मारपीट जैसी घटनाएं समाज में अशांति और भय का वातावरण पैदा करती हैं। ऐसे में दोष सिद्ध होने पर कठोर दंड आवश्यक है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से वरिष्ठ अभियोजक चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने सशक्त तरीके से पक्ष रखा। उन्होंने गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों को प्रभावी ढंग से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जिससे आरोप सिद्ध हो सके। न्यायालय के इस फैसले को न्यायिक प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि इसमें वर्षों पुराने मामले का निष्पक्ष निस्तारण कर पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाया गया है।


https://ift.tt/mLJxRrP

🔗 Source:

Visit Original Article

📰 Curated by:

DNI News Live

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *