फर्रुखाबाद में गंगा किनारे लगने वाला माघ मेला 3 जनवरी से शुरू रहा है। एक महीने तक चलने वाले ऐतिहासिक मेले (मेला श्री रामनगरिया) में साधु-संतों का पहुंचना शुरू हो गया है। श्री पंच दसनाम जूना अखाड़ा के सैकड़ों संतों ने 50 से ज्यादा गाड़ियों से जुलूस निकाला। इस दौरान कई संत घोड़े पर सवार दिखे। मेला करीब 3 किलोमीटर के क्षेत्र में लगेगा। पीलीभीत के बिलसंडा से आए संत समिति के अध्यक्ष सत्यगिरी महाराज काले रंग की खुली जीप में सबसे आगे चल रहे थे। जबकि, पीछे की गाड़ियों में संत-श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के जयकारे लगाते और भजन गाते हुए चल रहे थे। नगर भ्रमण के दौरान लोगों ने फूल बरसाकर संतों का स्वागत किया। संतों का काफिला करीब 12 किमी का सफर तय करते हुए पांचाल घाट पर पहुंचा। पांचाल घाट पर लगने वाले माघ मेले की शुरुआत साल 1950 में हुई थी। 1962 से मेले ने बड़े धार्मिक आयोजन का रूप लिया। 1965 में इसका नाम मेला श्री रामनगरिया रखा गया। 14 नवंबर 1989 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एनडी तिवारी भी मेला रामनगरिया पहुंचे थे। वीडियो पर क्लिक करके अखाड़े के संतों का नगर भ्रमण देखें…
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