बाराबंकी में एक महिला के अंतिम संस्कार के दौरान ससुराल और मायके पक्ष के बीच विवाद हो गया। चिता जलाने को लेकर शुरू हुआ यह विवाद मारपीट में बदल गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और ससुराल पक्ष के कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। यह घटना सुबेहा थाना क्षेत्र के चौधरी का पुरवा गांव की है। मृतका की पहचान सुनीता के रूप में हुई है, जिसकी शादी लगभग छह महीने पहले इसी थाना क्षेत्र के लालू का पुरवा मजरा जमीन हुसैनाबाद गांव निवासी सूरज पुत्र रामदुलारे से हुई थी। सुनीता के पिता सहज राम ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी की शादी में दहेज दिया था। परिजनों ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद से ही सुनीता को दहेज में सोने की चेन और मोटरसाइकिल की मांग को लेकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। दिसंबर में पति सूरज काम के लिए अहमदाबाद चला गया था, जिसके बाद फोन पर भी उनके बीच विवाद होने की बात सामने आई है। 31 जनवरी की शाम को मायके पक्ष को एक रिश्तेदार के जरिए सूचना मिली कि सुनीता की हालत गंभीर है और उसे सीएचसी शुकुलबाजार ले जाया गया है। अस्पताल पहुंचने पर परिजनों को सुनीता की मौत की खबर मिली। सोमवार को चौधरी का पुरवा गांव में सुनीता के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान ससुराल और मायके पक्ष की महिलाओं के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई। सूचना मिलने पर प्रभारी निरीक्षक यशकांत सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने इस मामले में ससुराल पक्ष के कुछ लोगों को हिरासत में लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रभारी निरीक्षक यशकांत सिंह ने पुष्टि की कि इस प्रकरण में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। उन्होंने बताया कि अंतिम संस्कार के दौरान हुआ विवाद शांत करा दिया गया है और मामले की कानूनी जांच जारी है। घटना के बाद गांव में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, जबकि मृतका के मायके में शोक का माहौल है।
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