DniNews.Live

Fast. Fresh. Sharp. Relevant News

महाशिवरात्रि पर श्री कृष्ण जन्मस्थान से काशी भेजा जाएगा प्रसाद:बाबा विश्वनाथ को अर्पित किया जाएगा, मंदिर प्रबंधन ने शुरू की तैयारी

महाशिवरात्रि के अवसर पर कान्हा की नगरी से दिव्य परंपरा का निर्वहन शुरू किया जाएगा। इस बार महाशिवरात्रि पर्व पर श्री कृष्ण जन्मस्थान मंदिर से काशी स्थित बाबा विश्वनाथ के लिए प्रसाद भेजा जाएगा। यह प्रसाद महाशिवरात्रि पर्व पर बाबा विश्वनाथ और माता पार्वती को भेंट स्वरूप अर्पित किया जाएगा। 8 फरवरी को भेजा जाएगा प्रसाद श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के तत्वावधान में यह दिव्य प्रसाद दिनांक 8 फरवरी रविवार को प्रातः 10 बजे श्रीकृष्ण जन्मभूमि से काशी विश्वनाथ धाम के लिए रवाना किया जाएगा। इस संबंध में जानकारी देते हुए श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि हरिहर भाव को धारण करते हुए, काशी विश्वनाथ धाम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्रा के परामर्श से यह पावन नवाचार किया जा रहा है। यह होगा बाबा विश्वनाथ को अर्पित महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि और काशी विश्वनाथ धाम के बीच यह धार्मिक समन्वय करोड़ों भगवान श्रीकृष्ण और भगवान शिव के भक्तों को आनंदित करेगा। प्रसाद सामग्री में फलाहारी लड्डू, फल, पंचमेवा, बाबा विश्वनाथ और भगवती अन्नपूर्णा के वस्त्र एवं श्रृंगार सामग्री सहित अन्य शुद्ध और सुगंधित द्रव्य शामिल होंगे .यह समस्त सामग्री शास्त्रीय मान्यताओं, परंपराओं और विधि-विधान के अनुसार तैयार कर, मंदिर के पुजारियों द्वारा सुसज्जित वाहन से काशी विश्वनाथ धाम, वाराणसी भेजी जाएगी।
कपिल शर्मा ने बताया यह प्रसाद फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी महाशिवरात्रि के पावन दिन बाबा विश्वनाथ जी को अर्पित किया जाएगा। शास्त्रों और पुराणों में महाशिवरात्रि को विशेष महत्व दिया गया है। यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का भी प्रतीक माना जाता है। साथ ही इसी पावन रात्रि में शिवलिंग के प्रादुर्भाव की मान्यता भी जुड़ी हुई है। काशी,मथुरा और अयोध्या की एकता को करेगी पहल सशक्त संस्थान की प्रबंध समिति के सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि महाशिवरात्रि का पर्व देश-विदेश के साथ-साथ ब्रजभूमि में भी अत्यंत धूमधाम से मनाया जाता है।श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान द्वारा की जा रही यह पहल काशी, मथुरा और अयोध्या के बीच धार्मिक एकता, सांस्कृतिक समन्वय और सनातन परंपरा को और अधिक सशक्त करने का कार्य करेगी।


https://ift.tt/39K7iNJ

🔗 Source:

Visit Original Article

📰 Curated by:

DNI News Live

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *