बस्ती जनपद में मनोरमा नदी की दुर्दशा को लेकर एक बार फिर आवाज उठाई गई है। समाजसेवी और भाजपा नेता चंद्रमणि पाण्डेय ‘सुदामा’ ने हजारों समर्थकों के साथ जिलाधिकारी को मांग पत्र सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि एक माह के भीतर नदी की सफाई नहीं हुई तो 5 मार्च 2026 से धरना-प्रदर्शन और भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। सुदामाजी ने जिलाधिकारी से मनोरमा नदी की एक माह के भीतर पूर्ण सफाई कराने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने रामरेखा और कुवांनो नदियों के लिए भी एक ठोस और दीर्घकालिक कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया। मांग पत्र में सुदामा ने कहा कि नदियों की गंदगी केवल किसी एक गांव या वर्ग की समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज के स्वास्थ्य, पर्यावरण और भविष्य से जुड़ा एक गंभीर विषय है। उन्होंने स्वच्छ जल को स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने यह भी कहा कि मनोरमा, रामरेखा और कुवांनो केवल जलधाराएं नहीं, बल्कि क्षेत्र की संस्कृति, आस्था और पहचान का प्रतीक हैं। इन नदियों के तट पर स्थित मखौड़ा धाम और पंडूल घाट जैसे पवित्र स्थलों का पुनरुत्थान पर्यटन को बढ़ावा देगा। सुदामा ने याद दिलाया कि वर्ष 2018 में मखौड़ा धाम में उनके आमरण अनशन के बाद मनोरमा की सफाई शुरू हुई थी, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के कारण कार्य अधूरा रह गया। वर्तमान में नदी में कूड़ा-करकट, नगर निकायों का गंदा पानी और औद्योगिक अपशिष्ट गिराया जा रहा है। कई स्थानों पर अतिक्रमण भी हो चुका है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि एक माह के भीतर प्रभावी सफाई सुनिश्चित नहीं की गई, तो 5 मार्च 2026 से धरना-प्रदर्शन, भूख-हड़ताल और जन-आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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