यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण मथुरा में 3 परियोजनाओं पर काम कर रहा है। जिसमें हैरिटेज सिटी, राया अर्बन सिटी के अलावा टूरिज्म जोन यहां बनाए जाएंगे। इन परियोजनाओं की जमीन पर हुए अतिक्रमण के खिलाफ यीडा अधिकारियों ने बड़ी कार्यवाही की। 15 बुलडोजर लेकर पहुंचे अधिकारियों ने एक के बाद एक निर्माण को ध्वस्त कर दिया। टीम ने यहां 400 करोड़ से ज्यादा की जमीन पर से अवैध कब्जे हटाते हुए उसे मुक्त कराया। मुख्यमंत्री के हैं ड्रीम प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मथुरा में यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण की जमीन पर 3 बड़े प्रोजेक्ट को लेकर मंजूरी दे चुके हैं। जिसमें हैरिटेज सिटी, राया अर्बन सिटी और टूरिज्म जोन को विकसित किया जाना है। यह परियोजना करीब 2200 हेक्टेयर में विकसित होंगी। जिसमें हैरिटेज सिटी 444 हेक्टेयर में, राया अर्बन सिटी 1000 हेक्टेयर में तो टूरिज्म जोन 816 हेक्टेयर में विकसित किया जाएगा। यह होगा इन प्रोजेक्ट में यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण हेरिटेज सिटी अरूआ, पानीगांव,भीम और डांगौली गांव की खादर की जमीन पर विकसित करेगा। जिसमें ब्रज की गरिमा के अनुरूप मंदिर धर्मशाला और आध्यात्मिक गांव होंगे। राया अर्बन सिटी में 52 गांव आयेंगे। जिसमें प्लॉट,फ्लैट और व्यावसायिक गतिविधि होगी। इसके अलावा टूरिज्म जोन के लिए भीम, अरूआ और पिपरोली गांव के बांगर की जमीन का प्रयोग होगा। अतिक्रमण पर चला डंडा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट के आड़े आ रहे अवैध निर्माणों पर बुधवार को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) का डंडा चला। भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे प्राधिकरण के दस्ते ने राया एक्सप्रेस वे के किनारे बनेअवैध होटलों और कॉलोनियों को नेस्तनाबूद कर दिया। घंटों चली इस कार्रवाई से भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया। प्राधिकरण के ओएसडी शैलेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में 15 बुलडोजर राया सर्विस लेन पर पहुंचे। देखते ही देखते निर्माणाधीन होटलों की दीवारें और अवैध कॉलोनियों की सड़कें ध्वस्त कर दी गईं। अधिकारियों के अनुसार, यह पूरी जमीन मास्टर प्लान के अंतर्गत आती है, जहां बिना अनुमति के व्यावसायिक गतिविधियां पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। राम-जानकी मंदिर पर चला बुलडोजर, ट्रस्ट में आक्रोश कार्यवाही के दौरान सबसे बड़ा विवाद निर्माणाधीन मंदिर को लेकर हुआ। मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बुलडोजर के आगे खड़े होकर विरोध प्रदर्शन किया। ट्रस्ट का आरोप है कि यहाँ भगवान श्रीराम और माता जानकी का भव्य मंदिर बन रहा था, जिसे बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के ढहा दिया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह सीधे तौर पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली कार्रवाई है। प्रशासन ने इस विरोध के बावजूद निर्माण को अवैध बताते हुए कार्रवाई जारी रखी। नक्शा नहीं तो निर्माण नहीं ओएसडी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि यमुना एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन के दोनों ओर बिना प्राधिकरण की अनुमति के कोई भी निर्माण नहीं हो सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि जिन लोगों ने नोटिस के बावजूद काम नहीं रोका है, उनकी सूची तैयार है। आगामी दिनों में राया कट और आसपास के क्षेत्रों में और भी बड़े ध्वस्तीकरण अभियान देखने को मिल सकते हैं। प्राधिकरण ने निवेश करने वाले आम लोगों से भी अपील की है कि वे अवैध कॉलोनियों में प्लॉट न खरीदें। कमिश्नर को भेजी रिपोर्ट पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट आगरा मंडल के आयुक्त नगेंद्र प्रताप को भेज दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि हेरिटेज सिटी प्रोजेक्ट के दायरे में आने वाली एक-एक इंच जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। मौके पर पीएसी के अलावा कई थानों का फोर्स मौजूद रहा। इस कार्यवाही के दौरान 15 अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए।
https://ift.tt/Y4m8DaP
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply