मथुरा के प्राइमरी स्कूल में हेडमास्टर पर 2 गंभीर आरोप लगे। पहला- स्कूल में पढ़ने वाले छोटे बच्चों का ब्रेनवॉश करते हैं। इस्लाम को बेहतर हिंदू धर्म को खराब बताते हैं। दूसरा- स्कूल में जबरन नमाज पढ़वाते हैं, राष्ट्रगान नहीं करवाते। 24 घंटे के अंदर हेडमास्टर जान मोहम्मद को बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने सस्पेंड कर दिया। इसके बाद जान मोहम्मद की तबीयत बिगड़ गई। वो छुट्टी लेकर अपने घर आगरा चले गए। क्या स्कूल में वाकई इस्लामिक माहौल बनाया जा रहा है? शिकायत करने वाले लोग क्या पेरेंट्स हैं? यह सब जानने के लिए दैनिक भास्कर टीम नौहझील इलाके में पहुंची। स्कूल के अंदर और बाहर पेरेंट्स और बच्चों का जमावड़ा था। बातचीत के दौरान सामने आया कि यहां कुल 235 बच्चे पढ़ते हैं। इनमें 89 मुस्लिम हैं, बाकी हिंदू बच्चे हैं। स्कूल स्टाफ में 8 लोग तैनात हैं, इनमें 7 हिंदू हैं। यानी सिर्फ हेडमास्टर ही गैर हिंदू हैं। हमने सभी से बात की। एक नई कहानी सामने आई। ये पूरा मामला एक लोकल BJP नेता के आरोपों के इर्द-गिर्द घूम रहा। ये भी पता चला कि शिकायत होने के बाद एक्शन हो गया, लेकिन जांच अभी शुरू नहीं हुई है। जबरन नमाज पढ़वाने, राष्ट्रगान न करवाने जैसे आरोपों पर टीचर हैरान थे। यहां विवाद सामने आए- स्कूल कैंपस से सटी हुई जमीन बाउंड्रीवॉल की जद में आ रही थी। इसका विरोध एक खास वर्ग की तरफ से हो रहा था। जिन लोगों ने शिकायत की, वो उन्हीं के ग्रुप के बताए जा रहे। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… ये मामला शुरू कहां से हुआ, ये जानिए BJP नेता ने कहा- बच्चे राष्ट्रगान गाते हैं, हेडमास्टर डांटते हैं…
BJP के बाजना मंडल अध्यक्ष दुर्गेश प्रधान ने 30 जनवरी को BSA रतन कीर्ति को लेटर भेजा। आरोप लगाया कि स्कूल में हेडमास्टर जान मोहम्मद बच्चों को बहला-फुसलाकर इस्लाम धर्म के लिए प्रेरित करते हैं। बच्चों का ब्रेनवॉश करके उनसे नमाज पढ़वाते हैं। हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करते हैं। हिंदू धर्म को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां भी करते हैं। स्कूल कैंपस में हेडमास्टर की मौजूदगी में बाहर से तब्लीगी जमात के लोग बुलाए जाते हैं। ये लगो बच्चों पर इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव बनाते हैं। बच्चों को यह भी बताया जाता है कि दुनिया का सर्वोत्तम धर्म इस्लाम ही है। स्कूल में राष्ट्रगान नहीं कराया जाता। अगर बच्चे राष्ट्रगान गाने का प्रयास करते हैं, तो उन्हें डांट दिया जाता था। खुद हेडमास्टर कभी राष्ट्रगान नहीं करते। जब दुर्गेश प्रधान से पूछा गया कि आपको ये सारे फैक्ट कैसे पता चले? क्या आप खुद वहां देखने गए थे? उन्होंने कहा कि मेरे पास गांव के ही लोग शिकायत लेकर आए थे। इसके बाद मैंने खंड शिक्षा अधिकारी को एक लेटर भेजा था। खंड शिक्षा अधिकारी ने लेटर BSA को भेजा। उसके बाद 31 जनवरी को हेडमास्टर जान मोहम्मद को सस्पेंड कर दिया गया। इस स्कूल को प्राथमिक विद्यालय नगला हुमायूं, मांट के साथ संबद्ध कर दिया गया। BSA ने डिटेल जांच के लिए BEO छाता और BEO मांट की एक टीम बना दी है। ये टीम जांच के बाद अपनी रिपोर्ट देगी। किसान बोले- यहां कभी राष्ट्रगान नहीं होता
BJP नेता दुर्गेश प्रधान के पास खड़े किसान अमर सिंह ने बताया- मैं स्कूल गया था, वहां बच्चे खेलते दिखे। मैं टीचर्स से पूछा तो उन्होंने कहा कि क्या हमारे पास यही काम रह गया है। सरकार ने हमें और भी काम दिए हैं। इस स्कूल में मैं आता-जाता रहता हूं, कभी राष्ट्रगान होते नहीं सुना। यहां कभी जन-गण-मन नहीं होता, वंदे मातरम् नहीं होता। 26 जनवरी पर आया तो बच्चों की आवाज तक सुनाई नहीं दी। स्कूल के बच्चों की बात बच्ची ने कहा- यहां हिंदू-मुस्लिम जैसा कुछ नहीं
इसके बाद हमारी टीम स्कूल पहुंची। गांव के लोग कैंपस में इकट्ठा हो चुके थे। पुलिस भी थी, स्कूल पढ़ने पहुंचे बच्चे क्लास छोड़कर बाहर आ गए थे। उन्हें ठीक से पता नहीं था कि पूरा मामला क्या है? क्लास-5 में पढ़ने वाली प्रियांशी से हमने कुछ सवाल किए। उसने कहा- सर ने कभी कुछ गलत नहीं पढ़ाया। वो बहुत अच्छा पढ़ाते हैं। यहां हिंदू-मुस्लिम जैसी कोई बात नहीं होती थी। हर रोज राष्ट्रगान भी होता है। हमने राष्ट्रगान सुनाने के लिए कहा, तो प्रियांशी ने कैमरे पर राष्ट्रगान का कुछ हिस्सा भी सुनाया। बच्ची बोली- ये सब गलत बात, सर अच्छा पढ़ाते हैं…
यहीं हमारी एक और बच्ची से मुलाकात हुई। हमने पूछा- सर कैसा पढ़ाते हैं? बच्ची कहती हैं- वो बहुत अच्छा पढ़ाते हैं, मैंने कभी नहीं सुना कि उन्होंने कहा हो कि हिंदू धर्म गलत है। न वो किसी के बारे में बात करते हैं। इसके बाद हमने बच्चों के पूरे ग्रुप से पूछा- सर कैसा पढ़ाते हैं। इस पर सभी ने मुस्कुराते हुए कहा कि सर, अच्छा पढ़ाते हैं। अब गांव के उन लोगों की बात, जिनके बच्चे इस स्कूल में पढ़ते हैं… मैं भतीजों को छोड़ने आता हूं, हर रोज राष्ट्रगान होता है
कैंपस में बड़ी संख्या में पेरेंट्स भी पहुंचे थे। स्कूल से 300 मीटर दूर रहने वाले प्रवीण कुमार कहते हैं- सिर्फ राजनीतिक मामला है, ऐसा कुछ नहीं है। मेरे 2 बेटे इस स्कूल में पढ़ते हैं। इस स्कूल में रोजाना बच्चों को छोड़ने आता हूं। यहां राष्ट्रगान भी होता है, हर रोज क्लास भी होती है। महिला बोलीं- बच्चों के लिए भगवान हैं सर
स्कूल के पास में रहने वाली महिला पूजा कहती हैं- मैं मंदिर गई थीं। वहां पता चला कि सर को सस्पेंड कर दिया गया है। यह सुनते ही मैं घर नहीं गई, सीधे यहां आ गई। मेरे बच्चे यहीं पढ़े हैं। सर ने पढ़ाया, जिसकी वजह से वो हमेशा 1st या 2nd आए। वह बच्चों के लिए भगवान हैं, उन्हें बदनाम किया जा रहा। किसान बोले- आरोपों से स्कूल का कोई लेना-देना नहीं
किसान इंद्रपाल कहते है- मास्टर साहब का व्यवहार बहुत अच्छा है। मेरी बेटी-बेटा बीएससी कर रहे हैं। दोनों यहीं से पढ़े हुए हैं। इन आरोपों का स्कूल से कोई लेना-देना ही नहीं है। वो हिंदू-मुस्लिम नहीं करते। 26 जनवरी पर हम गांववालों को बुलाया जाता है। राष्ट्रगान होता है, बूंदी बांटी जाती है। संजय बोले- स्कूल में CCTV, सबकी निगरानी होती है
गांव के संजय पांडेय कहते हैं- ये सिर्फ राजनीतिक मामला है। मेरा घर इस स्कूल के पास में है। मेरे 2 भतीजे इस स्कूल में पढ़ते हैं। मैं रोज उन्हें छोड़ने स्कूल आता हूं। यहां रोज राष्ट्रगान होता है। अब आप देखिए कि शिकायत करने वाले कस्बे के हैं ही नहीं। वो तो बाहर के हैं। ये लोग गांव का माहौल खराब कर रहे। इस स्कूल में CCTV लगे हैं, इनकी हर हरकत की मानीटरिंग होती है। यहां कैसे नमाज करवाएंगे? स्कूल में बाउंड्री नहीं, हेडमास्टर बनवा रहे थे, यही झगड़े की जड़
गांव में रहने वाले राजन कहते हैं- इस स्कूल में बाउंड्री नहीं है। आप लोग तो आते-जाते देख सकते हैं कि यहां क्या हो रहा? किसी को नमाज पढ़ते नहीं देखा। हेडमास्टर साहब, इस स्कूल की बाउंड्रीवाल बनवाने का प्रयास कर रहे थे। स्कूल के बगल वाली जमीन का कुछ हिस्से का विवाद चल रहा है। वो लोग वहां बाउंड्री नहीं बनाने दे रहे हैं। हमें लगता है कि इन्हीं लोगों ने बगल के गांव के लोगों से मिलकर शिकायत करवा दी। अब हेडमास्टर साहब सस्पेंड हो गए हैं। अब स्कूल स्टाफ की बात टीचर बोली- मैं 2014 से पढ़ा रही, हेडमास्टर मुझसे भी पहले से यहां तैनात
बच्चों और पेरेंट्स की बात को समझते हुए हम स्कूल के अंदर पहुंचे। यहां एक टीचर खड़ी दिखी। उन्होंने बताया- मैं 2014 से स्कूल में पढ़ा रही हूं। हेडमास्टर मुस्लिम जरूर हैं, लेकिन उन्हें देखकर आप ये नहीं कह सकते। मेरी पोस्टिंग से पहले से वो यहां पर तैनात थे। टीचर कामना अग्रवाल ने बताया- सर ने कभी भेदभाव नहीं किया। खाना बांटना हो, स्कूल में बच्चे पढ़ाने हों या फिर सामाजिक क्षेत्र में काम करना, सभी में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। उनके बोलचाल, हाव-भाव और व्यवहार से लगता नहीं कि वह मुस्लिम हैं। वो तो घर के बड़े की तरह व्यवहार करते हैं। टीचर ने कहा- यहां SIR का भी एक विवाद हुआ, फिर सस्पेंशन ही आया
सहायक अध्यापक लक्ष्मी ने बताया- वह हमेशा महिलाओं का सम्मान करते हैं। कभी काम में देरी हो जाती थी, तो सर पहले हम लोगों को भेजते थे फिर खुद जाते थे। फिर लक्ष्मी ने दबी आवाज में बताया कि मैं SIR प्रक्रिया में लगी थी। मेरे पास ज्यादातर मुस्लिम वोटर हैं। कुछ लोग आए थे और फॉर्म-7 के जरिए आपत्ति लगाने के लिए कहा। इस पर मैंने अधिकारियों से पूछा तो उन्होंने कहा कि अधिकतम 10 फॉर्म दिए जा सकते हैं। मैंने उन लोगों से यही कहा कि 10 फॉर्म लेकर जाइए। बाद में वह लोग पता नहीं क्या सोच बैठे? इसके बाद सीधे ये आरोप और हेडमास्टर के सस्पेंशन की खबर ही आई। लक्ष्मी ने कहा कि शिकायत करने वाले इस गांव के रहने वाले नहीं हैं। उन्हें इस स्कूल के हालात दिख रहे हैं। लेकिन, इस स्कूल के आसपास रहने वालों को कुछ पता नहीं है। आप सबसे बात करिए, कोई हेडमास्टर के खिलाफ नहीं बोलेगा। हेडमास्टर की बात पढ़िए आरोप लगाने वाले कौन, मैं जानता तक नहीं
हेडमास्टर जान मोहम्मद स्कूल में नहीं थे। सस्पेंड होने के बाद उनकी तबीयत खराब हो गई है। वो अपने परिवार के पास आगरा चले गए थे। हमने फोन पर उनसे मामले को समझने का प्रयास किया। वह कहते हैं- मैं नौहझील के गांव राम नगला का ही रहने वाला हूं। मेरी 2 बेटियां, 1 बेटा है। मुझे पता नहीं कि ऐसे आरोप क्यों लगाए जा रहे? स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को एक जैसा ही समझता आया हूं। आरोप लगाने वाले कौन लोग हैं? उन्हें भी मैं जानता नहीं। तबीयत ठीक होने के बाद अधिकारियों के पास जाऊंगा। —————————- ये खबर भी पढ़िए- ‘ब्राह्मण सांसदों ने क्या घुंघरू पहन रखा है’, बरेली सिटी मजिस्ट्रेट बोले- हालात सिविल वॉर जैसे ‘क्या आप ब्राह्मणों का नरसंहार चाहते हैं। ब्राह्मण सांसद-विधायकों से पूछना चाहता हूं- क्या बहन-बेटियों का सड़कों पर रेप होगा, तब भी चुप रहोगे। क्या घुंघरू पहन रखा है, कब बोलेंगे? प्रयागराज डीएम किसके लिए रोटी सेंक रहा था? क्या वह शंकराचार्य है?’ यह बातें बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने कही। पढ़ें पूरी खबर…
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