मऊ जिले के घोसी तहसील क्षेत्र के पकड़ी बुजुर्ग गांव के एक प्रगतिशील किसान छप्पन कद्दू की खेती से अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। उनका कहना है कि सही समय पर खेती करने से लागत का कई गुना लाभ मिल सकता है। उन्होंने विभिन्न प्रकार के कद्दू की खेती की है। किसान रामलेश मौर्य के अनुसार, इस फसल को कुछ लोग ‘छप्पन कद्दू’ कहते हैं, जबकि कुछ इसे ‘जुगनी’ के नाम से जानते हैं। उन्होंने तीन अलग-अलग किस्मों की खेती की है: एक पीली, एक हरे रंग की और एक गोल वैरायटी। इस फसल की बुवाई अक्टूबर माह में की गई थी। बुवाई के लगभग 45 से 50 दिनों के भीतर इसमें फूल आने लगते हैं और 60 दिनों के बाद इसकी कटाई (हार्वेस्टिंग) शुरू हो जाती है। प्रत्येक पौधे से लगभग 12 फल प्राप्त होते हैं, जिनका वजन डेढ़ किलो से लेकर 3 किलो तक होता है। बाजार में इसकी अच्छी मांग है, खासकर पीले रंग के कद्दू की, जिसे ठंड के मौसम में लोग सलाद के रूप में पसंद करते हैं। यह स्वादिष्ट और पौष्टिक माना जाता है। रामलेश मौर्य ने बताया कि पीले रंग का कद्दू 600 रुपये से 700 रुपये प्रति किलो तक बिक जाता है, जबकि हरे रंग का कद्दू 30 रुपये से 40 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक रहा है। किसान ने लगभग तीन बिस्वा जमीन पर इसकी खेती की है, जिसमें कुल लागत लगभग 700 रुपये आई है। अब तक 5 से 7 क्विंटल कद्दू की कटाई हो चुकी है, जिससे 3000 रुपये से अधिक की आय प्राप्त हुई है। यह फसल पूरे जनवरी माह तक फल देती रहेगी। रामलेश मौर्य ने जोर देकर कहा कि यदि इस फसल को सही समय पर लगाया जाए, तो किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।
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