महोबा में स्वतंत्र देव सिंह का काफिला रोकने वाले विधायक बृजभूषण राजपूत ने कहा- अगर जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री को भी रोकेंगे। बंधक बनाना मेरे लिए कोई बड़ी बात नहीं है। ये मेरा व्यक्तिगत नहीं, बल्कि जनता और विकास से जुड़ा मुद्दा है। मैं अपनी बात सड़क पर रख रहा हूं, तो इसमें किसी को आपत्ति क्यों हो रही है। आप सब का आशीर्वाद था, तो मंत्री जी को रोका है। यह जनता की और विकास की बात है। मैं यह बात कमरे में क्यों करूं, सड़क पर क्यों नहीं कर सकता? अगर मैंने सड़क पर अपनी बात रखी तो कुछ लोगों को दिक्कत क्यों हो रही है। किसी ठेके, पट्टे या पदोन्नति की मांग नहीं कर रहे। बल्कि केवल क्षेत्र की समस्याएं उठा रहे हैं। ऐसे में मुझे गलत ठहराना उचित नहीं है। जब कांग्रेस की सरकार थी, तब की बात बताते हुए बृजभूषण सिंह ने कहा- उस समय जो अधिकारी काम नहीं करता था, उसे चूड़ियां और पेटीकोट पहनवा देते थे। बंधक बनाना मेरे लिए कोई बड़ी बात नहीं है। मंत्री से भिड़ने के मामले में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा- भाजपा एक संगठन-आधारित पार्टी है। जहां जनहित के मुद्दों पर मतभिन्नता संभव है, लेकिन अनुशासन सर्वोपरि है। प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह के साथ मिलकर मामले की रिपोर्ट मांगी गई है। दोनों नेताओं से बातचीत की जा रही है। उच्च स्तर पर इस मुद्दे को सुलझाने के प्रयास जारी हैं। ‘यह मेरा विधायक वाला रूप’
विधायक ने कहा- यह मेरा विधायक वाला रूप है। विधायक बनने से पहले मैं बुंदेलखंड अधिकार सेना चलाता था और बाद में भाजपा का सदस्य बना। जब से भाजपा का सदस्य बना हूं, मैं पार्टी के अनुशासन में रहता हूं। पुराने आंदोलनों का किया जिक्र
बृजभूषण राजपूत ने अपने पुराने आंदोलनकारी जीवन का भी जिक्र किया। कहा- जब मैं विधायक नहीं था, तो कांग्रेस की सरकार थी। तब झांसी के तत्कालीन केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन के घर जाकर उन्हें बंधक बनाया था। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से पत्र आने के बाद ही मंत्री को छोड़ा गया। जिसमें बुंदेलखंड की समस्याओं को लेकर प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की बात कही गई थी। 4 दिन पहले स्वतंत्र देव सिंह का रास्ता रोका था… 30 जनवरी को महोबा में भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत और कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह आपस में भिड़ गए। मंत्री एक कार्यक्रम से लौट रहे थे। शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे विधायक ने 100 ग्राम प्रधानों के साथ मिलकर उनका रास्ता रोक लिया। 30 कार और 20 बाइकें मंत्री के काफिले के सामने खड़ी कर दी। चरखारी विधायक ने मंत्री से अपनी विधानसभा के 100 गांवों में पानी न पहुंचने और पाइपलाइन के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत न होने पर नाराजगी जताई। कहने लगे कि जिले के 90 प्रतिशत गांवों के लोग मुझसे पूछते हैं। मैं क्या जवाब दूं? इस पर विधायक के समर्थकों और सीओ सदर और कोतवाल से झड़प हो गई। स्वतंत्र देव सिंह ने विधायक से कहा- मैं 40 गांव चलने को तैयार हूं। पानी दिलाना हमारा काम है। अफसर मेरे साथ हैं। अगर कहीं सड़कें खुदी हैं और पानी नहीं मिल रहा है तो अफसरों को सस्पेंड कर दूंगा। मंत्री स्वतंत्र देव नाराज ग्राम प्रधानों को धक्का देते हुए आगे बढ़े। इस दौरान लोग कहते रहे कि ‘नेता गिरी नहीं चलेगी’। स्वतंत्र देव अपनी गाड़ी में बैठ गए। गाड़ी के अंदर भी विधायक और मंत्री के बीच बहस हुई। लोग नारेबाजी करते रहे। मंत्री और विधायक के बीच की बातचीत… मंत्री: जहां कहीं शिकायत है, वहां मुझे लेकर चलो। उस गांव में मैं खुद चलता हूं। अपने कार्यक्रम छोड़कर चलता हूं। चलो…
विधायक: एक मिनट-एक मिनट…40 से 50 गांव हैं। मंत्री: मैं 40 गांवों में चलूंगा। मैं सभी जगह चेक करने चलूंगा। मेरे साथ अफसर हैं। सभी जगह देखूंगा। अफसरों की लापरवाही होगी, तो सस्पेंड कर दूंगा।
विधायक: भाई साहब सड़कें खुदी पड़ी हैं। रास्ते खुदे पड़े हैं। भाई साहब… मंत्री: सड़कें खुदी रहेंगी, तब भी मैं अफसरों को सस्पेंड कर दूंगा। मैं गांवों में चलने को तैयार हूं, चलो न मेरे साथ… मंत्री से विधायक बोले- अफसर हमारी सुनते नहीं
मंत्री ने विधायक को अपनी गाड़ी में बिठाया। विधायक हाथ पर हाथ पटकते हुए मंत्री से यही कहते रहे कि जितने भी प्रधान आए हैं, उन सभी के गांवों में समस्या है। हर घर नल योजना में जमकर लापरवाही हुई है। आप लोग कुछ भी नहीं देखते। ग्राउंड की समस्या बहुत बड़ी है। विधायक ने योजना में भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया। विधायक ने मंत्री से साफ कहा कि अफसर हमारी सुनते नहीं है। जानिए कौन हैं बृजभूषण राजपूत?
चरखारी (महोबा) से भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत का जन्म 28 मई, 1982 को उरई (जालौन) में हुआ था। उनके पिता गंगा चरण राजपूत 3 बार लोकसभा सांसद (1989, 1996, 1998) और राज्यसभा सांसद (2009) रह चुके हैं। बृजभूषण राजपूत की शादी 9 मई, 2005 को कनक लोधी के साथ हुई थी। उनके दो बेटे हैं। बृजभूषण राजपूत को राजनीतिक टकराव विरासत में मिला है। उनके पिता गंगा चरण राजपूत यूपी की राजनीति में विवादों और दलबदल के लिए जाने जाते थे। गंगा चरण राजपूत जनता दल, भाजपा, कांग्रेस और बसपा में रहे हैं। बुंदेलखंड में बिजली-पानी और ओबीसी मुद्दों पर उन्होंने कई आंदोलन किए। 18 मई, 2004 को यूपीए की जीत के बाद जब सोनिया गांधी के प्रधानमंत्री बनने की चर्चा चली और उन्होंने पद ठुकराया, तब दिल्ली में कांग्रेस दफ्तर के बाहर एक हाई-वोल्टेज ड्रामा हुआ था। गंगा चरण राजपूत कार की छत पर चढ़े, पिस्टल लहराई और अपनी ही कनपटी पर तानते हुए धमकी दी कि अगर सोनिया गांधी PM नहीं बनीं, तो वे खुद को गोली मार लेंगे। आज उसी सियासी तेवर की झलक बेटे बृजभूषण राजपूत में दिख रही है। उनका संदेश साफ है कि अगर काम नहीं होगा तो बवाल होगा। ————————– यूपी में अप्रैल-जुलाई के बीच होंगे पंचायत चुनाव:मंत्री ओपी राजभर बोले- बैलेट पेपर जिलों में पहुंचे, 28 फरवरी को आएगी वोटर लिस्ट
यूपी में पंचायत चुनाव को लेकर मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने मंगलवार को बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा- यूपी सरकार ने पंचायत चुनाव कराने की तैयारी पूरी कर ली है। चुनाव निर्धारित समय पर कराए जाएंगे। राजभर योगी सरकार में पंचायती राज मंत्री हैं। मंगलवार को वे वाराणसी में थे। उन्होंने पंचायत चुनाव 2027 के विधानसभा चुनाव के साथ होने की अटकलों पर विराम लगा दिया है। पढ़ें पूरी खबर…
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