अलीगढ़ के सांसद सतीश गौतम एक बार फिर अपने विवादित बयान से सुर्खियों में हैं। इस बार उनके निशाने पर सिंचाई विभाग के अधिकारी रहे। मामला अलीगढ़ के कोल रजवाहा को अवैध कब्जों से मुक्त कराने का था। जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह की मौजूदगी में हुई एक चर्चा के दौरान सांसद का पारा इस कदर चढ़ा कि उन्होंने अधिशासी अभियंता को कार्यकर्ताओं के बीच अपनी ताकत का अहसास करा दिया। एक्सईएन पर दिखाई नाराजगी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में सांसद सतीश गौतम सिंचाई विभाग के एक्सईएन राजेंद्र कुमार नाराज होते दिख रहे हैं। उन्होंने सख्त लहजे में कहा, ‘कोई प्रॉब्लम आ रही है, एक्सईएन के मना करने पर बोले– तो कोई बात नहीं, तुम अपना काम करो। पंछी भी जब उड़ेगा तो इजाजत लेकर उड़ेगा। अलीगढ़ का सांसद हूं मैं और तुम्हें डर लग रहा है यार। तुम सांसद के होने के बाद भी डर रहे हो। एक मुल्ला नहीं बोलेगा, यह मेरी गारंटी है। बजट के बारे में बताने आए थे मंत्री दरअसल शनिवार को प्रदेश सरकार में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने सर्किट हाउस में केंद्र सरकार के बजट को लेकर बैठक की थी। इसमें जनप्रतिनिधियों के साथ ही सांसद सतीश गौतम भी आए हुए थे। बजट पर वार्ता के दौरान ही मौजूद लोगों ने कोल रजवाहा को पूरी तरह बंद कर कब्जा होने और उसपर धार्मिक स्थल बनाने का मुद्दा उठा दिया। मंत्री ने दिए कब्जा मुक्त कराने के निर्देश भाजपा नेताओं का कहना था कि एक साल पहले मंत्री के आदेश के बाद भी सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने रजवाहे को कब्जा मुक्त नहीं कराया। इस पर मंत्री ने कहा कि किसी का भी कब्जा नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने मौजूद सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कब्जा मुक्त कराने के लिए निर्देशित कर दिया। सर्किट हाउस के बाहर बोले सांसद इसी कार्यक्रम के बाद सर्किट हाउस के बाहर जाते समय सांसद ने कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में एक्सईएन को रोका और रजवाहे को कब्जा मुक्त कराने की कहने लगे। इस पर एक्सईएन ने कानूनी और स्थानीय विरोध की बातें सामने रखीं। यह सुनते ही सांसद ने अपनी शक्ति का एहसास कराया। जानिए कोल रजवाहे के बारे में भाजपा के पूर्व जिला प्रवक्ता डॉ. निशिध शर्मा ने एक साल पहले कोल रजवाहे पर कब्जा होने का आरोप लगाया था। 45.5 किलोमीटर लंबा यह रजवाहा बुलंदशहर के पल्ला झाड़ से शुरू होकर अलीगढ़ के भरतुआ गांव तक जाता है। भूमाफिया से मिलीभगत का आरोप डॉ. निशिध का आरोप था कि सपा शासनकाल में भू-माफिया और अधिकारियों ने मिलकर महेशपुर फाटक से आगे की रजवाहे को मिट्टी से पाट दिया। आज वहां अवैध मकान और दुकानें खड़ी हैं। आरोप लगाया कि रजवाहे पर कब्जा करने के इरादे से ही धार्मिक स्थल का निर्माण भी कराया गया। सिंचाई विभाग पर टहलाने का आरोप सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने PWD के पास जमीन ट्रांसफर होने की बात कहकर कब्जामुक्त कराने से इंकार कर दिया था। डॉ. निशिध का कहना है कि बाद में RTI से खुलासा हुआ कि जमीन कभी ट्रांसफर ही नहीं हुई। नहर बंद होने से हजारों एकड़ फसल की सिंचाई प्रभावित हो रही है। अब यह मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंच गया है। जल शक्ति मंत्री ने बताया ‘विकसित भारत’ का रोडमैप इसी दौरान सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने केंद्रीय बजट को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह बजट ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को चरितार्थ करता है। मंत्री ने बजट की बारीकियों को साझा करते हुए कहा कि यह केवल आर्थिक दस्तावेज नहीं, बल्कि 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर बनाने की गारंटी है। उन्होंने विशेष रूप से स्वास्थ्य क्षेत्र में कैंसर की दवाओं पर कस्टम ड्यूटी हटाने और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर दिया। ये रहे मौजूद इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष विजय सिंह, इगलास विधायक राजकुमार सहयोगी, कोल विधायक अनिल पाराशर, छर्रा विधायक ठा. रवेंद्र पाल सिंह, एमएलसी डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह, एमएलसी चौ. ऋषिपाल सिंह, जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह और महानगर अध्यक्ष इंजीनियर राजीव शर्मा आदि उपस्थित रहे।
https://ift.tt/Qm7nYs2
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply