भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति के कार्यकर्ताओं ने जिला अध्यक्ष अजय त्यागी के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। किसानों ने यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण और सोनभद्र जिले से संबंधित अपनी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की। संगठन ने बताया कि सोनभद्र के मैसांवर गांव और यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र के रौनीजा गांव में पिछले छह महीने से अपनी मांगों को लेकर धरना चल रहा है, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। उन्होंने गौतमबुद्धनगर और सोनभद्र के जिला प्रशासन से इन समस्याओं का तत्काल समाधान करने का अनुरोध किया। किसानों की प्रमुख मांगों में यमुना एक्सप्रेस-वे के आवासीय प्लॉट और अतिरिक्त मुआवजे का तुरंत वितरण शामिल है। उन्होंने नए भूमि अधिग्रहण प्रावधानों के तहत प्रभावित परिवारों को 20% विकसित भूमि देने की भी मांग की। इसके अतिरिक्त, गौतमबुद्ध नगर और अन्य सभी जिलों में सर्किल रेट बढ़ाने, गौतमबुद्ध नगर के तीनों प्राधिकरणों में 10% आवासीय भूखंड देने, तथा आबादी के निस्तारण के साथ बैकलीज और शिफ्टिंग करने की मांग की गई। जिन किसानों को मुआवजा नहीं मिला है, उन्हें तुरंत मुआवजा देने और गौतमबुद्ध नगर में तीनों प्राधिकरणों की मुआवजा राशि महंगाई को देखते हुए बढ़ाने की भी अपील की गई। चकबंदी से संबंधित मुद्दों पर, किसानों ने उन सभी जिलों में पारदर्शिता बनाए रखने की मांग की जहां चकबंदी चल रही है। उन्होंने सोनभद्र जिले के मैसांवर गांव में चकबंदी में हुई कथित धांधली की जांच कराने की भी मांग की। मेरठ के खरखौदा क्षेत्र के खासपुर गांव में लंबे समय से चल रहे अवैध खनन को तत्काल बंद कराने का भी मुद्दा उठाया गया। अंत में, किसानों ने पूरे उत्तर प्रदेश में आवारा पशुओं द्वारा फसलों को पहुंचाए जा रहे नुकसान से किसानों को छुटकारा दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की
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