बृजभूषण ने रितेश्वरजी महाराज को गिफ्ट की ‘श्यामा गाय’: गोंडा में जन्मदिन की पूर्व संध्या पर हरियाणा से आया अनोखा तोहफा, दुलारते हुए दिखे कैसरगंज से पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने गोंडा में श्रीआनंदम धाम पीठाधीश्वर सद्गुरु रितेश्वर जी महाराज को उनके जन्मदिन की पूर्व संध्या 20 लाख रुपए कीमत की ‘श्यामा गाय’ गिफ्ट की। हरियाणा से लाई गई काले रंग की इस दुर्लभ गाय को देखते ही सद्गुरु रितेश्वर जी महाराज उसे दुलार करने लगे। अपने आश्रम ले जाने की बात कही। बृजभूषण ने टीका लगाकर गाय का स्वागत किया। उन्होंने कहा- काले रंग की श्यामा गाय बेहद दुर्लभ होती है और इसे ढूंढना आसान नहीं था। काफी खोजबीन के बाद यह गाय हरियाणा में मिली। इसके अलावा गोंडा में बृजभूषण की ओर से आयोजित आठ दिवसीय राष्ट्र कथा के चौथे दिन रविवार को भोजपुरी सिने स्टार पवन सिंह भी पहुंचे। उन्होंने स्टेज पर बृजभूषण के पैर छुए। दो भजन भी गाए। वहीं बृजभूषण ने स्टेज से खुद ही “आज नंदिनी नगरिया निहार सखिया…” गाना गाकर तालियां बटोरीं। उन्होंने कहा- बथुआ राष्ट्रीय ब्रांड हो गया, अब नेशनल फूड भी घोषित किया जाए। दरअसल राष्ट्रकथा के बाद प्रतिदिन 50 हजार लोगों को भंडारा खिलाया जा रहा है। जिसमें भक्तों को बथुए का सकपहिता परोसा जा रहा रहा है। देर रात बृजभूषण, रितेश्वर जी महाराज को लेकर देर रात नंदिनी नगर कुश्ती स्टेडियम पहुंचे। यहां उन्होंने नेपाल और भारत के कई राज्यों से कुश्ती सीखने आए खिलाड़ियों से मुलाकात कराई। कुश्ती के दांव-पेंच बताए। अपने मालिश करने वाले नेशनल पदक विजेता खिलाड़ी और अपने नाई से मुलाकात कराई। कहा- “जब नाऊ इतना तगड़े है नेताजी कय है तो दबदबा तो रहेगा ही भैया।” यह सुनकर सद्गुरु रितेश्वर जी महाराज जोर से हंसे और दोनों को आशीर्वाद दिया। सिलसिलेवार पढ़िए राष्ट्र कथा के चौथे दिन क्या-क्या हुआ… 1. मंच पर पहुंचे पवन सिंह, बृजभूषण के पैर छुए, भजनों पर झूमी भीड़ 2. राष्ट्रकथा मंच पर अवधी रंग में दिखे बृजभूषण, गीत से लेकर बथुआ तक बना चर्चा का विषय 3. कुश्ती स्टेडियम पहुंचे सद्गुरु, खिलाड़ियों को पटका भेंट; दांव-पेंच दिखाए गए 4. हरियाणा से लाई गई दुर्लभ ‘श्यामा’ गाय, दर्शन को उमड़ी भीड़ अब पढ़िए बृजभूषण और उनकी लग्जरी लाइफ के बारे में… छोटी उम्र में पांच भाइयों को खोया, छात्र संघ से सियासत में की एंट्री बृजभूषण सिंह का जन्म 8 जनवरी 1957 को गोंडा जिले के बिसनोहरपुर गांव में हुआ था। वो जब 12 साल के थे तो 2-3 साल के अंदर उनके 5 भाइयों की मौत हो गई। घर की सारी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। उनके चचेरे बाबा विधायक थे, इसलिए परिवार का राजनीतिक रसूख था। साथ ही रंजिश भी काफी थी। 16 साल की उम्र में ही बृजभूषण राजनीतिक रूप से सक्रिय होने लगे थे। इसके बाद जब उन्होंने साकेत कॉलेज में दाखिला लिया तो 1979 में छात्रसंघ का चुनाव जीता। बृजभूषण के हैं 48 डिग्री कॉलेज, कई इंटर कॉलेज भी हैं पोस्ट ग्रेजुएट, बृजभूषण राजनीति में लगातार हाथ आजमाते रहे। साल 1991 में पहली बार आनंद सिंह के खिलाफ बृजभूषण सिंह लोकसभा चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे। इसके बाद वो 1991, 1999, 2004, 2009, 2014 और 2019 लोकसभा के निर्वाचित सदस्य बने। उनके करीबी बताते हैं कि 80 के दशक में बृजभूषण अपने तीन दोस्तों के साथ बालू खनन की ठेकेदारी करते थे। राजनीति के साथ-साथ वो धीरे-धीरे शिक्षा के क्षेत्र में उतरे। आज गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती समेत पूरे देवीपाटन मंडल में उनके 48 डिग्री कॉलेज हैं और कई इंटर कॉलेज भी हैं। गाय के नाम पर बनाया नंदिनी ग्रुप, स्कूल-कॉलेज की चेन बनाई सांसद बृजभूषण खुद को माटी से जुड़ा हुआ बताते हैं। उन्होंने अपने स्कूल-कॉलेज की चेन का नाम नंदिनी के नाम से रखा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान राम की नगरी अयोध्या से गोंडा जिला लगा हुआ है। जिसका प्राचीन नाम गोनर्द हुआ करता था। यहां ऋषि मुनि तपस्या किया करते थे। मान्यता है कि इसी भूमि पर रघुकुल के गुरु वशिष्ठ का आश्रम था। यहीं राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न ने शिक्षा ग्रहण की थी। ऋषि वशिष्ठ के पास एक नंदिनी नाम की गाय थी। ऋषि वशिष्ठ उस गाय की पूजा करते थे। इसी मान्यता के चलते बृजभूषण शरण सिंह ने 11 नवंबर 1994 को नंदिनी नगर महाविद्यालय की नींव रखी थी। इसके बाद उन्होंने कई स्कूल कॉलेज का नाम नंदिनी ग्रुप के नाम से रखा। इसमें इंटर कॉलेज, डिग्री कॉलेज, इंजीनियरिंग, नर्सिंग और मैनेजमेंट के कॉलेज शामिल हैं। बृजभूषण लग्जरी लाइफ को लेकर सुर्खियों में रहते हैं। डेढ़ करोड़ रुपए का घोड़ा भी उनकी अस्तबल की शान बढ़ा रहा है। इसे उन्होंने खरीदा नहीं था, बल्कि गिफ्ट में मिला था। गिफ्ट देने वाले सांसद बेटे करण भूषण सिंह के दोस्त हैं। बृजभूषण ने खुद घोड़े का वेलकम किया था। उसे दुलारा था। जब उन्हें इसकी कीमत का पता चला तो ठहाका लगाते हुए कहा- यार, हम तो पागल हो जाएंगे। इस गिफ्ट से पहले यहां तीन महंगे मारवाड़ी घोड़े पहले से मौजूद थे। इनमें से एक बादल, कीमत करीब 10 लाख रुपए और दूसरा बुलेट, जिसकी कीमत करीब 8 लाख रुपए है। नए घोड़े के आने के बाद अब घोड़ों की संख्या चार हो गई है। इसके अलावा बृजभूषण के पास 150 से अधिक गायें हैं, जिनमें से करीब 70 गिर नस्ल की हैं। गिर नस्ल की प्रत्येक गाय की कीमत 5 लाख रुपए से अधिक आंकी जाती है। 5 एकड़ में बना सफेद बंगला, जिसमें हेलीपैड भी जिम के बाद अकसर घुड़सवारी करने चले जाते हैं ————————- ये खबर भी पढ़िए… बुलंदशहर में पूर्व बसपा विधायक के भतीजे की हत्या:पहले लाठी-डंडों से पीटा, धारदार हथियार से वार किया, फिर सीने पर चढ़ाई गाड़ी बुलंदशहर में जमीनी विवाद में पूर्व बसपा विधायक मरहूम हाजी अलीम के भतीजे की हत्या कर दी गई। वह अपने भाई के साथ जमीन की पैमाइश पर गए थे। तभी दूसरे पक्ष से विवाद हो गया। उन्होंने दोनों भाइयों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। जब दोनों बेसुध होकर गिर गए, तो धारदार हथियार से कई वार किए। इसके बाद दोनों के सीने पर गाड़ी चढ़ा दी और फरार हो गए। पूरी खबर पढ़िए…
https://ift.tt/t5RiK8j
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply