गोंडा में कैसरगंज से पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह रविवार को जिला मुख्यालय पर आयोजित एक निजी मांगलिक कार्यक्रम में शामिल हुए। मीडिया से बातचीत में उन्होंने पतंजलि के घी के सैंपल फेल होने के मुद्दे पर सरकार और जांच एजेंसियों पर कई सवाल उठाए। पूर्व सांसद ने कहा कि “आज गांवों से विशेषकर किसान परिवारों के लोगों का पलायन बड़ी मात्रा में हो रहा है। मेरा मानना है कि अगर दूध और दूध से बने उत्पादों में मिलावटखोरी रोक दी जाए, तो किसानों के बच्चों का शहरों की ओर पलायन बंद हो सकता है।” बृजभूषण ने कहा, “रामदेव के घी का सैंपल अभी फेल हुआ है। मैंने पढ़ा कि उसकी रिपोर्ट 4 साल बाद आई है। यह क्या व्यवस्था है? जो रिपोर्ट 2-4 घंटे में आ जानी चाहिए, वह 4 साल बाद आ रही है। लाखों लोगों की जिंदगी का सवाल है। इतने लंबे समय में कितने लोगों ने वह घी खाया, कितने बीमार पड़े, कितने परिवार प्रभावित हुए—इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?” उन्होंने कहा कि “एक समय था जब रामदेव एक बड़ा ब्रांड थे। मैंने तो उनका नाम भी नहीं लिया था, लेकिन उनके ही एक चेले ने मुझसे झगड़कर नाम कहलवा दिया। आज जो हालात हैं, वह ब्रांड ही नहीं, कई और बड़े ब्रांड भी मानकों पर खरे नहीं उतरेंगे। कोई भी जांच करा ले।” रिपोर्ट 4 साल बाद आने पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि “अगर कोई जांच होगी और उसकी रिपोर्ट 4 साल बाद आएगी, तो सरकार को इसे एक बड़े अभियान के रूप में लेना चाहिए। सिर्फ एक सरकार नहीं, सभी सरकारों को मिलावट के खिलाफ अभियान चलाना चाहिए, ताकि लोगों के जान-माल की रक्षा हो सके। इससे गांवों से किसानों का पलायन रुकेगा, दूध का रेट बढ़ेगा, गांव वाले गाय-भैंस पालकर रोजगार पाएंगे और सम्मान से रह सकेंगे।” पतंजलि नाम के उपयोग पर उन्होंने कहा कि “उन्होंने स्वदेशी का रास्ता चुना, लेकिन बाद में भटक गए। मैंने पहले भी सवाल उठाया था कि आप ‘पतंजलि’ नाम का इस्तेमाल करते हैं, महर्षि पतंजलि के लिए आपने क्या किया? आपकी भविष्य की क्या योजना है?” 2029 के चुनाव पर बोले—‘पत्ता जनता खोलेगी’ 2029 में चुनाव कहां से लड़ेंगे, इस सवाल पर पूर्व सांसद ने कहा, “हम राजनीतिक व्यक्ति हैं और विद्यार्थी जीवन से ही राजनीति से जुड़े हैं। आज मैं सांसद नहीं हूं, लेकिन 10 जिलों के लोग मेरे घर दिल्ली में आते हैं और मैं उनकी समस्याओं को सुनकर अधिकारियों से बात करता हूं। सांसद जनता बनाती है। पिछले चुनाव में परिस्थिति ऐसी बनी कि पार्टी को निर्णय लेना पड़ा और मेरी जगह मेरी बेटी को टिकट दिया गया। अब आगे देखेंगे कि जनता किस जनप्रतिनिधि से नाराज़ है और कहां जनता हमें देखना चाहती है।” जब पूछा गया कि चुनाव लड़ने को लेकर आप अपना पत्ता कब खोलेंगे, उन्होंने कहा, “ये पत्ता हम नहीं खोलेंगे, जनता छह महीने पहले खोल देगी। जनता बताएगी कि हम कहां से लड़ेंगे। जनता ही हमें चुनाव लड़ाएगी या बैठाएगी। हम किसी से कहलवाएँगे नहीं।” SIR फॉर्म भरने पर कहा—‘वोट देना हो तो फॉर्म भरें’ SIR फॉर्म भरने को लेकर उन्होंने कहा, “मैं फॉर्म भर चुका हूं। लोगों से मेरी अपील है कि अगर वोट देना हो तो फॉर्म भरें, नहीं देना हो तो मत भरें।” सिराथू विधायक पल्लवी पटेल के बयान पर उन्होंने कहा, “अगर उन्होंने कहा है कि फॉर्म न भरें, तो न भरें। वह राजा हैं। आजकल देश-प्रदेश में बहुत राजा पैदा हो रहे हैं।” कोडिन सिरप मामले में धनंजय सिंह पर बोले—‘फोटो आधार नहीं’ धनंजय सिंह के कोडिन सिरप प्रकरण में नाम आने पर उन्होंने कहा, “फोटो कोई भी किसी के साथ खिंचवा सकता है। प्रतिदिन 2–3 हजार लोग मेरे साथ फोटो खिंचवाते हैं, जिनमें बच्चों की संख्या ज्यादा रहती है। सिर्फ फोटो के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। अगर फोटो के अलावा कुछ है, तो वही असली आधार होगा।”
https://ift.tt/CbjfUcp
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply