बुलंदशहर के कोतवाली देहात क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर हुई हिंसक झड़प में पूर्व विधायक मरहूम हाजी अलीम के भतीजे सूफियान (43) की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस घटना में सूफियान का भाई अकरम (45) गंभीर रूप से घायल हो गया है। वारदात के बाद जिले में तनाव का माहौल है। पीड़ित परिजनों ने इस घटना के लिए भाजपा के मंडल मंत्री पिंटू चौधरी को जिम्मेदार ठहराया है। आरोप है कि पिंटू चौधरी ने अपने भाइयों और अन्य साथियों के साथ मिलकर इस हमले को अंजाम दिया। घटना के बाद से आरोपी मंडल मंत्री फरार बताया जा रहा है, जबकि उसके भाई भूरा समेत लगभग पांच संदिग्धों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। परिजनों के अनुसार, नगर के ऊपरकोट क्षेत्र निवासी सूफियान और अकरम गांव नीमखेड़ा के सामने स्थित एक बाग की पैमाइश के लिए मौके पर पहुंचे थे। इसी दौरान एक आरोपी स्कॉर्पियो कार से वहां पहुंचा और रात के समय पैमाइश करने का विरोध किया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई, जो जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर भाजपा के मंडल मंत्री पिंटू चौधरी अपने करीब 15 अन्य साथियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से दोनों भाइयों पर हमला कर दिया। हमले के दौरान सूफियान जमीन पर गिर पड़ा, जिसके बाद आरोपियों ने उस पर स्कॉर्पियो चढ़ा दी। इसके अतिरिक्त, आरोपियों ने पीड़ितों की कार में भी तोड़फोड़ की और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद परिजन तत्काल दोनों भाइयों को जिला अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सकों ने सूफियान को मृत घोषित कर दिया। वहीं, अकरम की हालत गंभीर बनी हुई है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद मेरठ रेफर कर दिया गया है। सूफियान और अकरम, सदर विधानसभा क्षेत्र से दो बार बसपा के टिकट पर विधायक रहे मरहूम हाजी अलीम के भतीजे थे। जैसे ही घटना की जानकारी फैली, जिला अस्पताल में हजारों की संख्या में लोग एकत्र हो गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह स्वयं मौके पर पहुंचे। एहतियातन तीन थानों की पुलिस फोर्स के साथ पीएसी के जवानों को तैनात किया गया, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। देर रात पोस्टमॉर्टम के बाद शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने अवैध असलहा से फायरिंग भी कि और अकरम की लाइसेंसी पिस्टल को छीनकर फरार हो गए। हालांकि पुलिस ने फायरिंग कि बात से इनकार किया है।एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि परिजनों द्वारा जिन लोगों के खिलाफ नामजद आरोप लगाए गए हैं, उनमें से भूरा को हिरासत में ले लिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।फिलहाल गांव नीमखेड़ा और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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