बुलंदशहर कलेक्ट्रेट को जल्द ही आईएसओ 9001:2015 प्रमाण पत्र मिलने की संभावना है। यदि ऐसा होता है, तो यह उत्तर प्रदेश की पहली कलेक्ट्रेट होगी जिसे यह अंतरराष्ट्रीय प्रमाण पत्र प्राप्त होगा। कलेक्ट्रेट के कुल 30 पटलों पर अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली के मानकों को अपनाते हुए व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया गया है। जिलाधिकारी कार्यालय से लेकर एडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट, स्थानीय निकाय, राजस्व अभिलेखागार और स्टांप सेक्शन सहित सभी 30 पटलों का कायाकल्प किया गया है। अब फाइलों का अंबार मेजों पर नहीं, बल्कि अलमारियों में व्यवस्थित तरीके से रखा जाता है। प्रत्येक पटल पर कार्य प्रणाली स्पष्ट होने से कामकाज में पारदर्शिता और गति दोनों आई है। इस पूरी कवायद का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन प्रणाली के मानकों को पूरा करना है। इन मानकों पर सफल होने के बाद बुलंदशहर कलेक्ट्रेट को आईएसओ 9001:2015 प्रमाण पत्र मिलने की उम्मीद है, जो इसे प्रदेश की पहली ऐसी कलेक्ट्रेट बना देगा। कलेक्ट्रेट में गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली (QMS) लागू होने से आमजन को सीधा लाभ मिल रहा है। सभी कार्यालयों के बाहर क्यूएमएस बोर्ड लगाए गए हैं, जिन पर दी जाने वाली सेवाएं, उनकी समय-सीमा, फाइलों के रखरखाव और कार्य गुणवत्ता की विस्तृत जानकारी प्रदर्शित की गई है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस नई व्यवस्था से न केवल कार्यकुशलता में वृद्धि हुई है, बल्कि आमजन की संतुष्टि भी बढ़ी है। शिकायतों के निस्तारण और अन्य प्रशासनिक कार्यों में अब अनावश्यक देरी नहीं होती है। जिला प्रबंधक ई-गवर्नेंस पीयूष चौधरी ने बताया कि आईएसओ सर्टिफिकेट के लिए भारतीय गुणवत्ता परिषद में अगस्त माह में आवेदन किया गया था। इसके बाद राष्ट्रीय गुणवत्ता संवर्धन बोर्ड ने कलेक्ट्रेट के सभी पटलों पर गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली (क्यूएमएस) लागू करने के दिशा-निर्देश जारी किए थे। इन निर्देशों का पालन करते हुए सभी 30 पटलों को नया स्वरूप दिया गया है। जनवरी माह में राष्ट्रीय गुणवत्ता संवर्धन बोर्ड द्वारा ऑडिट किया जाएगा, जिसके बाद आईएसओ सर्टिफिकेट जारी होने की संभावना है।
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