DniNews.Live

Fast. Fresh. Sharp. Relevant News

बीहड़ वाली मजार की तरफ आने-जाने पर रोक:रास्ते में वन विभाग ने कटीले पेड़ डाले, बाहर लगाया बोर्ड, 24 घंटे निगरानी

इटावा सफारी पार्क के पीछे बीहड़ इलाके में स्थित सैय्यद बाबा मजार के रास्ते पर वन विभाग ने नोटिस चस्पा कर आने जाने पर रोक लगा दी है। मजार से जुड़े दस्तावेजों को लेकर वन विभाग द्वारा ध्वस्तीकरण और कार्रवाई का नोटिस जारी किए जाने के बाद बड़ी संख्या में लोग मजार की ओर पहुंचने लगे थे। हालात को देखते हुए वन विभाग ने मजार तक जाने वाले रास्ते पर पूरी तरह रोक लगा दी है। रास्ता बंद कर दिया गया है, चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, कांटेदार झाड़ियां डाली गई हैं और 24 घंटे वन कर्मियों की तैनाती कर दी गई है। पुलिस और खुफिया विभाग भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। मजार जाने वाले रास्ते पर पूरी तरह पाबंदी सैय्यद बाबा मजार तक जाने वाले रास्ते पर वन विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी है। मजार की ओर जाने वाले रास्ते पर बड़ा बोर्ड लगाया गया है, जिसमें साफ लिखा है कि यह वन क्षेत्र है और यहां प्रवेश करना गैरकानूनी है। इसके साथ ही रास्ते में कांटेदार झाड़ियां डाल दी गई हैं, ताकि कोई भी व्यक्ति मजार तक न पहुंच सके। वन विभाग की कड़ी निगरानी, 24 घंटे ड्यूटी मजार के रास्ते पर वन विभाग के कर्मियों की चौबीस घंटे ड्यूटी लगाई गई है। मौके पर तैनात वन कर्मी इरफान ने बताया कि वह अपने उच्च अधिकारियों के निर्देश पर ड्यूटी कर रहे हैं। अलग अलग समय पर अलग अलग कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है और किसी को भी वन क्षेत्र के अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। वन विभाग की कार्रवाई के साथ ही इटावा पुलिस भी पूरी तरह सतर्क हो गई है। स्थानीय अभिसूचना इकाई के प्रभारी निरीक्षक और खुफिया विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया है। जमीन के दस्तावेज नहीं, 5 फरवरी को सुनवाई बताया जा रहा है कि यह मजार सैकड़ों साल पुरानी है। वन विभाग ने मजार के केयरटेकर फजले इलाही को जमीन से जुड़े दस्तावेज 22 जनवरी तक जमा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक कोई भी वैध दस्तावेज जमा नहीं किए गए हैं। हालांकि मजार के व्यवस्थापक फजले इलाही की ओर से नोटिस का जवाब देते हुए कुछ अन्य कागजात उपलब्ध कराए गए हैं। पूरे मामले की सुनवाई 5 फरवरी को डीएफओ विकास नायक की अदालत में तय की गई है। आस्था बनाम कार्रवाई, लोगों में नाराजगी दरगाह से जुड़े लोगों का कहना है कि यह मजार करीब 800 साल पुरानी है और इससे हजारों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। उनका आरोप है कि किसी अज्ञात व्यक्ति की शिकायत के आधार पर इस तरह की कार्रवाई की इतनी जल्दबाजी में की जा रही है, यह सब आगामी विधानसभा चुनावों के लिए प्रतीत हो रही है। फिलहाल प्रशासन और पुलिस की सख्ती के चलते मजार जाने वाला रास्ता पूरी तरह बंद है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।


https://ift.tt/HVLizo0

🔗 Source:

Visit Original Article

📰 Curated by:

DNI News Live

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *