औरैया जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में एचडीएफसी ईआरजीओ जनरल इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिया है कि वह एक कार चोरी के मामले में पीड़ित उपभोक्ता को ब्याज और हर्जाने सहित 5 लाख रुपये से अधिक का भुगतान करे। आयोग ने कंपनी की सेवा में कमी मानते हुए यह निर्णय सुनाया है। यह मामला कानपुर निवासी श्रीमती रश्मि की टाटा नेक्सन कार से संबंधित है। अक्टूबर 2021 में यह कार औरैया के दिबियापुर रोड से चोरी हो गई थी। बाद में, कार फतेहपुर सीकरी के पास एक गांव से क्षतिग्रस्त हालत में बरामद हुई। पूर्ण बीमा होने के बावजूद, कंपनी ने क्लेम देने से इनकार कर दिया था। बीमा कंपनी ने दावा किया था कि चोरी के समय कार की चाबी अंदर रह गई थी और चालक का लाइसेंस प्रस्तुत नहीं किया गया, जिसे पॉलिसी की शर्तों का उल्लंघन बताया गया। आयोग के समक्ष अधिवक्ता संजीव पाण्डेय ने तर्क दिया कि बीमा कंपनियां मानवीय भूल या तकनीकी बारीकियों का सहारा लेकर अपने दायित्व से नहीं बच सकतीं, खासकर जब वे वाहन सुरक्षा के लिए प्रीमियम वसूलती हैं। उन्होंने पुलिस रिपोर्ट और बरामदगी के साक्ष्यों को प्रस्तुत किया। आयोग के अध्यक्ष श्री जगन्नाथ मिश्र, सदस्य सुश्री अमिता निगम और श्री जितेन्द्र सिंह कुशवाह की पीठ ने इन तर्कों को स्वीकार किया। आयोग ने कंपनी की इस कार्यप्रणाली को ‘सेवा में घोर लापरवाही’ करार दिया। आयोग ने बीमा कंपनी को आदेश दिया है कि वह परिवादिनी को वाहन मरम्मत की कुल राशि 5,05,316 रुपये का भुगतान 45 दिनों के भीतर करे। इसके अतिरिक्त, परिवाद दाखिल करने की तिथि से लेकर वास्तविक भुगतान तक इस पूरी धनराशि पर 6 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज भी देय होगा। आयोग ने मानसिक उत्पीड़न और वाद व्यय के रूप में 10,000 रुपये का अतिरिक्त हर्जाना भी देने का आदेश दिया है।
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