समाजवादी पार्टी (सपा) विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) को लेकर लगातार आरोप लगा रही है। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव की ओर से जानबूकर नाम काटने के आरोप लगाए जाने के बाद जिलों में भी इस तरह के मामले सामने आने लगे हैं। सपा जिलाध्यक्ष ब्रजेश कुमार ने आरोप लगाया कि डोमिनगढ़ में दो बीएलओ से वहां के पूर्व प्रधान ने फार्म 7 पर हस्ताक्षर करवा लिया। इस मामले में उन्होंने थाने में बीएलओ की ओर से शिकायत भी की है। हालांकि प्रशासन ने इस आरोप को पूरी तरह से गलत बताया है। प्रशासन का कहना है कि ऐसी कोई बात नहीं। सपा जिलाध्यक्ष डोमिनगढ़ पहुंचे थे। उन्होंने दोनों बीएलओ से बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव के पूर्व प्रधान ने 27 जनवरी को बूथ नंबर 422, 423 व 424 की बीएलओ को अपने घर बुलाया। सभी से एक कागज पर हस्ताक्षर करने को कहा। बूथ नंबर 424 की बीएलओ ने हस्ताक्षर नहीं किए जबकि बूथ नंबर 422 की बीएलओ इंद्रावती देवी, 423 की बीएलओ रीता सिंह ने बिना कागज पढ़े हस्ताक्षर कर दिया। अब जानिए सपा जिलाध्यक्ष ने क्या कहा
सपा जिलाध्यक्ष ने बताया कि उन्हें जब इस बात का पता चला तो वह बूथ पर पहुंचे। वहां तीनों बीएलओ मिलीं। दो काफी डरी हुई हैँ। उनका कहना है कि उन्होंने बिना पढ़े दस्तखत कर दिए। सपा जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि दोनों बीएलओ से फार्म 7 पर दस्तखत कराया गया। इससे मनमाने तरीके से लोगों के नाम काटे जाएंगे। तिवारीपुर थाने में दी तहरीर सपा जिलाध्यक्ष ने दोनों बीएलओ की ओर से तहरीर तिवारीपुर थाने में दी। उन्होंने कहा कि बीएलओ की ओर से मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। हालांकि उस समय बीएलओ वहां मौजूद नहीं थीं। थानेदार ने कहा कि निर्वाचन से जुड़े मामले में जिला निर्वाचन अधिकारी के आदेश के बाद ही कोई कार्रवाई होगी। जानिए क्या कहते हैं अधिकारी
उप जिला निर्वाचन अधिकारी विनीत कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले की जांच करायी गई है। ऐसी कोई बात नहीं है। आरोप गलत हैं।
https://ift.tt/zRjPuHS
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply