बिजनौर के नहटौर थाना क्षेत्र में चार साल पहले हुई लूट और हत्या के एक मामले में अदालत ने दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। गुरमीत सिंह और गुरदीप को चंडीगढ़ के एक कैंटर मालिक की हत्या और लूट का दोषी पाया गया। अदालत ने दोनों पर 70 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसी मामले में चार अन्य आरोपी खालिद, आफताब आलम, शाहबेज और दाऊद को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) आमोद त्यागी ने बताया कि चंडीगढ़ निवासी राकेश पुत्र नारायण प्रसाद ने नहटौर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके पिता नारायण प्रसाद (पुत्र रामचंद्र) 14 जनवरी 2022 को अपनी कैंटर गाड़ी में हेलमेट भरकर पटना, बिहार के लिए निकले थे। पटना में माल उतारने के बाद वे पुराने लोहे का स्क्रैप भरकर पंजाब के लिए रवाना हुए। 23 जनवरी की शाम को नारायण प्रसाद की अपने छोटे भाई रितेश से बात हुई थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि वह बिजनौर पहुंचने वाले हैं। राकेश लगातार अपने पिता को फोन करते रहे, लेकिन कॉल रिसीव न होने पर परिजनों को चिंता हुई। उन्होंने पंजाब के मलोहा थाने में सूचना दी और फोन की लोकेशन पता की। पंजाब पुलिस ने फोन की लोकेशन बिजनौर के नहटौर क्षेत्र में बताई। नहटौर थाने में जानकारी करने पर पता चला कि एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ है। परिजनों ने शव की शिनाख्त नारायण प्रसाद के रूप में की। पुलिस ने जांच के दौरान अफजलगढ़ निवासी गुरदीप सिंह (पुत्र स्वर्ण सिंह), देहरादून के डोईवाला निवासी गुरमीत (पुत्र संगत सिंह), अफजलगढ़ निवासी खालिद (पुत्र खलील), आफताब आलम (पुत्र मोहम्मद ग़ालिब), मुजफ्फरनगर के मीरापुर निवासी शाहबेज (पुत्र मोहम्मद खान) और दाऊद (पुत्र ऐजाज) को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल किया और लूटा गया ट्रक तथा पैसे पुलिस को बरामद कराए। उनकी निशानदेही पर नारायण प्रसाद की हत्या में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड भी बरामद की गई। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को जेल भेजकर आरोप पत्र दाखिल किया था।
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