बाराबंकी में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद एक बड़ा अंतर सामने आया है। विधानसभा चुनाव के लिए तैयार ड्राफ्ट मतदाता सूची में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को मिलाकर कुल 19,57,296 मतदाता दर्ज किए गए हैं, जबकि पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव की मतदाता सूचियों में लगभग 8 लाख अधिक वोटर पाए गए हैं। 31 दिसंबर को पंचायत चुनाव की मतदाता सूची का पुनरीक्षण पूरा हुआ, जिसमें जिले में 23,50,000 से अधिक मतदाता दर्ज थे। वहीं, पंचायत क्षेत्र से बाहर के नगरीय इलाकों की मतदाता सूची में लगभग 4,77,000 मतदाता शामिल हैं। इन दोनों सूचियों को जोड़ने पर कुल संख्या लगभग 28,27,000 तक पहुंच जाती है, जो विधानसभा मतदाता सूची से करीब 8 लाख अधिक है। पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में कुल 23,59,277 मतदाता दर्ज थे। एक सप्ताह तक चले विशेष पुनरीक्षण अभियान में 31 दिसंबर तक दावे और आपत्तियां आमंत्रित की गई थीं। बाराबंकी के एडीएम ने इन दावों और आपत्तियों की समीक्षा की, जिसमें 30,115 नाम बढ़ाने, 2,654 संशोधन और 12,174 नाम हटाने से संबंधित दावे सामने आए। इन दावों के निस्तारण के बाद पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची 6 जनवरी को प्रकाशित की जाएगी। यह स्थिति तब सामने आई है, जब राज्य पंचायत चुनाव आयोग ने पहले ही बाराबंकी में करीब तीन लाख मतदाताओं के नाम दो या उससे अधिक स्थानों पर दर्ज होने की पहचान की थी। इसके बाद बीएलओ को ऐसे मतदाताओं के घर जाकर आधार कार्ड के माध्यम से सत्यापन करने और किसी एक स्थान पर नाम बनाए रखने के निर्देश दिए गए थे।
बाराबंकी के एडीएम एवं सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी निरंकार सिंह ने इस अंतर पर स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने बताया कि विधानसभा मतदाता सूची में पंचायत और नगरीय निकायों की तुलना में करीब आठ लाख नाम कम हैं क्योंकि पंचायत और नगरीय निकाय की मतदाता सूचियों का अभी एसआईआर नहीं हुआ है। इसी कारण यह अंतर दिखाई दे रहा है।
https://ift.tt/xyRQgnF
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply