बागपत में महिला आयोग की सदस्य मीनाक्षी भाराला ने बुधवार को बागपत जिले का दौरा कर महिलाओं की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। इस दौरान कुल 11 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिन पर आवश्यक कार्रवाई के आदेश दिए गए। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। बैठक में कुछ अधिकारियों की अनुपस्थिति पर महिला आयोग की सदस्य ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि कई बार बैठकों में अधिकारी उपस्थित नहीं होते, जिससे कार्य प्रभावित होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों के विभागों को इसकी सूचना लिखित रूप में भेजी जाती है और आगे की कार्रवाई वहीं से सुनिश्चित की जाती है।
मीनाक्षी भाराला ने मुस्लिम समाज में तीन तलाक और हलाला जैसे मामलों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि लखनऊ में इस तरह की शिकायतें बड़ी संख्या में प्राप्त होती हैं, जो एक गंभीर सामाजिक विषय है। संत द्वारा इकरा हसन को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह संबंधित संत की निजी राय हो सकती है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी संत या आम व्यक्ति को इस प्रकार की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक के दौरान उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने दो टूक कहा कि महिलाओं से संबंधित मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। महिला आयोग की सदस्य ने कहा कि समाज में अधिकांश मामलों में महिलाएं उत्पीड़न का शिकार होती हैं, जबकि यदि किसी एक महिला से कोई गलती हो जाती है तो उसे बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किया जाता है, जो उचित नहीं है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को महिला सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
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