बांदा जनपद में 46 शातिर अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत 14 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। ये अपराधी गिरोह बनाकर हत्या, लूट, डकैती, अवैध वसूली, मारपीट, जानलेवा हमला और सरकारी कर्मचारियों पर हमले जैसे गंभीर अपराधों को अंजाम देते थे, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल था। पुलिस के अनुसार, ये अपराधी आर्थिक और भौतिक लाभ कमाने के उद्देश्य से संगठित गिरोह बनाकर अपराध करते थे। इन पर गैंगस्टर एक्ट की धाराएं इसलिए लगाई गई हैं ताकि संगठित अपराधों पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाया जा सके। बबेरू कोतवाली क्षेत्र में रामकरन (पुत्र देवराज उर्फ शिवगोपाल) और अभिषेक (पुत्र प्रदीप, निवासी ग्राम गुजेनी, थाना मरका) पर गैंगस्टर एक्ट लगाया गया है। ये दोनों गिरोह बनाकर मोटरसाइकिल चोरी करते थे और उनके पुर्जे बेचकर अवैध लाभ कमाते थे। इसी प्रकार, कोतवाली नगर थाना क्षेत्र में योगेंद्र कुमार उर्फ रिंकू (पुत्र राममिलन उर्फ फौजी) और दुर्गेश (पुत्र स्वर्गीय लखन लाल, निवासी गौरी कला, थाना जसपुरा) पर भी मोटरसाइकिल चोरी का गिरोह चलाने के आरोप में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। थाना बिसंडा में आदेश (पुत्र राजकुमार), रामनिहोर (पुत्र चंद्रपाल), विप्पा परिहार उर्फ विपिन (पुत्र मंगल), माताबदल उर्फ रज्जू (पुत्र रामासरे उर्फ बेटू) और अशोक (पुत्र चंद्रपाल, सभी निवासी बबेरू रोड कस्बा, थाना बिसंडा) के खिलाफ भी गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ है। यह गिरोह फर्जी रजिस्ट्री के माध्यम से जमीन की खरीद-फरोख्त कर आर्थिक लाभ कमाता था और सबूत मिटाने के लिए हत्या जैसे गंभीर अपराधों को भी अंजाम देता था। बदौसा थाने में अनूप (पुत्र वीरेंद्र), बारेलाल उर्फ विजय (पुत्र रामदीन) और लवकुश (पुत्र जगपत, सभी निवासी थाना बदौसा) पर गैंगस्टर एक्ट लगाया गया है। ये आरोपी संगठित गिरोह बनाकर चोरी और नकबजनी की वारदातों से आर्थिक लाभ कमाते थे। इसी क्रम में, अतर्रा थाने में हसीबुद्दीन उर्फ पप्पू उर्फ सीटी (पुत्र समसुद्दीन), अरुण कुमार (पुत्र रामकरन) और अभिषेक उर्फ छोटू (पुत्र छेदीलाल) के खिलाफ भी गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। इन पर संगठित गिरोह बनाकर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के अध्याय 17 में वर्णित अपराधों को अंजाम देकर आर्थिक और भौतिक लाभ कमाने का आरोप है।
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