बस्ती में एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। कोतवाली, लालगंज थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने मेवात कनेक्शन वाले इस गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह सरकारी योजनाओं, इन्वेस्टमेंट ट्रेडिंग और मुफ्त बैंक खाता खोलने का लालच देकर ‘म्यूल खाते’ तैयार करता था। डीआईजी संजीव त्यागी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में लालगंज क्षेत्र के सुजीत चौधरी, निपेन्द्र चौधरी और रामनाथ चौहान शामिल हैं। इसके अलावा, कोतवाली और हरैया क्षेत्र से जुड़े मामलों में अश्विनी पाठक, निखिल त्रिपाठी और प्रशांत मिश्रा को भी पकड़ा गया है। इनमें से तीन आरोपियों को मथौली छठ पोखरे के पास सुबह 8:10 बजे और अन्य तीन को रोडवेज बस स्टैंड बस्ती से सुबह 9 बजे हिरासत में लिया गया। कोतवाली, लालगंज और सोनहा थानों में दर्ज तीन गंभीर मामलों की जांच के दौरान यह खुलासा हुआ। आरोपियों ने अब तक 38 बैंक खातों का दुरुपयोग किया है, जिन पर विभिन्न राज्यों से 74 से अधिक साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज हैं। कुल 4 करोड़ 49 लाख 61 हजार रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह मेवात स्थित साइबर ऑपरेटर्स के साथ मिलकर इन खातों का इस्तेमाल करता था। मेवात से ठगी गई रकम बस्ती के इन ‘म्यूल खातों’ में प्राप्त की जाती थी, जिसके बाद इसे आगे ठिकाने लगाया जाता था। आरोपियों का ठगी का तरीका सुनियोजित था। वे गांव-गांव घूमकर लोगों को सरकारी योजनाओं, मुफ्त बैंक खाते और ट्रेडिंग में अधिक लाभ का लालच देते थे। खाता खुलवाने के बाद वे एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक और सिम कार्ड अपने पास रख लेते थे। यदि कोई पीड़ित इसका विरोध करता था, तो उसे धमकी भी दी जाती थी। इस संयुक्त कार्रवाई में कोतवाली प्रभारी दिनेश चंद्र चौधरी, लालगंज प्रभारी संजय कुमार, साइबर थाना प्रभारी कुलदीप त्रिपाठी और साइबर सेल प्रभारी शेषनाथ गौड़ की टीम शामिल थी। पुलिस ने आरोपियों से तीन मोबाइल, 650 रुपये नकद और एक बैंक पासबुक बरामद की है। पुलिस अब गिरोह के मेवात कनेक्शन की तकनीकी जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
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