मंगलवार को अतिक्रमण हटाने के दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुई झड़प के अगले दिन गांव में सन्नाटा पसरा रहा। बुधवार को गांव की गलियों में चहल-पहल की जगह डर का माहौल दिखा। ग्रामीण घरों के भीतर दुबके रहे और बाहर निकलने से कतराते रहे। ग्रामीणों के चेहरों पर अनजाना भय साफ झलक रहा था। पुरुष, महिलाएं, युवक और युवतियां, सभी की आंखों में खौफ नजर आया। गांव में यह चर्चा आम थी कि पुलिस के डर से लोग खुलकर बात करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। झड़प के बाद कई थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी गांव में पहुंची थी। ग्रामीणों का आरोप है कि इसके बाद पुलिस ने गांव में सख्त कार्रवाई की। आरोप है कि जो जहां मिला, उसे वहीं पकड़कर लाठी-डंडों से पीटा गया। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि पुलिस ने कई घरों के दरवाजे खटखटाए और भीतर घुसकर मारपीट की। ग्रामीणों का कहना है कि इस कार्रवाई में बुजुर्ग पुरुषों और महिलाओं तक को नहीं बख्शा गया। इस दौरान दोनों पैरों से दिव्यांग शैलकुमारी को भी पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा। शैलकुमारी ने बताया कि उन्हें भी थप्पड़ मारे गए। यह घटना गांव में सहानुभूति और आक्रोश का विषय बनी हुई है। एक बुजुर्ग महिला ने बताया कि वे लोग घर में बैठे थे और बाहर निकलने की हिम्मत नहीं हो रही थी। उन्हें डर था कि कहीं उन्हें भी न पकड़ लिया जाए। गांव के विजुअल देखिए टूटी गाड़ियां, बिखरे सामान पुलिस कार्रवाई के दौरान करीब एक दर्जन लोगों को चोटें आईं। गांव में खड़ी करीब एक दर्जन मोटरसाइकिलें, एक ई-रिक्शा, बक्से और अन्य घरेलू सामान क्षतिग्रस्त हो गए। कई घरों के बाहर बिखरे टूटे सामान बुधवार को भी घटना की गवाही देते नजर आए। अनजाने व्यक्तियों को देख भागे लोग बुधवार को जब कोई अनजान व्यक्ति के गांव पहुंचने पर कई घरों में लोग मौजूद होने के बावजूद दरवाजे नहीं खुले। कुछ लोग पीछे के रास्तों से निकलते दिखे। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस के डर से वे किसी से बात करने से बच रहे हैं।एक युवक ने कहा, कल जो हुआ, उसके बाद कोई बोलना नहीं चाहता। डर है कि फिर से कार्रवाई न हो जाए। नौ पुलिसकर्मियों का मेडिकल परीक्षण कराया गया मंगलवार को ग्रामीणों द्वारा किए गए पथराव में घायल हुए पुलिसकर्मियों का बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) खेजुरी में चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया।
घायलों में थानाध्यक्ष मिथिलेश कुमार, उपनिरीक्षक ज्ञानचंद्र शुक्ल और राजकुमार भरद्वाज, सिपाही धीरज मौर्य, प्रेम कुमार पटेल सहित कुल नौ पुलिसकर्मी शामिल हैं। सभी का विधिवत मेडिकल परीक्षण कर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया गया। सात गिरफ्तार को किया चालान जहां प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और न्यायालय के आदेश के पालन की बात कही जा रही है, वहीं ग्रामीण पुलिस पर अतिरेक कार्रवाई का आरोप लगा रहे हैं। क्षेत्रीय लेखपाल लेखपाल अमित कुमार राय की तहरीर पर रामबचन राम पुत्र राम कृपाल, उनके पुत्र और रामबचन के घर की महिलाओं सहित 150 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत करते हुए तेज बहादुर राम पुत्र राम बचन राम, हरिशंकर राम पुत्र स्व घमड़ी राम, कौशल्या देवी पत्नी गोविन्द राम, गायत्री देवी पत्नी विनोद राम, जानकी देवी पत्नी तेजबहादुर राम निवासीगण हथौज थाना खेजुरी और सुनीता देवी पत्नी सरोज राम निवासी ग्राम बहेरी व कुमारी नीतू पुत्री सरोज राम निवासी ग्राम बहेरी को गिरफ्तार कर चालान न्यायालय कर दिया। कुछ और तस्वीरें देखें
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