बलरामपुर जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीद की गति धीमी पड़ गई है। फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (एफआरके) की पर्याप्त आपूर्ति न होने को इसका मुख्य कारण बताया जा रहा है। जिले के 39 क्रय केंद्रों पर धान खरीद जारी है, लेकिन उठान और किसानों के भुगतान दोनों ही प्रक्रियाएं प्रभावित हुई हैं। अब तक जिले में 3120 किसानों से कुल 19,343.45 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में कम है। इसमें से 2550 किसानों को भुगतान किया जा चुका है, जबकि 570 किसानों का लगभग 9 करोड़ 71 लाख 77 हजार रुपए विभिन्न क्रय एजेंसियों के पास बकाया है। उत्तर प्रदेश उपभोक्ता संघ पर सबसे अधिक बकाया है, जहां 290 किसानों के लगभग 5 करोड़ 9 लाख 65 हजार रुपये लंबित हैं। धान उठान की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। अब तक 9985.12 मीट्रिक टन धान मिलर्स को भेजा गया है, जबकि 9358.33 मीट्रिक टन धान अभी भी क्रय केंद्रों पर रखा हुआ है। जगह की कमी के कारण कई केंद्रों पर खरीद बाधित हो रही है। मिलर्स का कहना है कि एफआरके की कमी से चावल की कुटाई और आपूर्ति प्रभावित हुई है, हालांकि हाल के दिनों में आपूर्ति में कुछ सुधार देखा गया है। किसानों को सत्यापन प्रक्रिया में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जिले में पंजीकृत 5827 किसानों में से 4978 का सत्यापन हो चुका है, जबकि 849 किसानों की खतौनी का सत्यापन अभी बाकी है। लंबित मामलों की सर्वाधिक संख्या तुलसीपुर तहसील में है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी उमेश मणि त्रिपाठी ने बताया कि एफआरके की आपूर्ति धीरे-धीरे सुधर रही है। अब तक 550 क्विंटल एफआरके मिलों को उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही धान उठान और चावल आपूर्ति में तेजी आएगी, साथ ही किसानों के बकाया भुगतान की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।
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