बलरामपुर के बरहवा रेंज स्थित कौव्वा बेला गांव में मंगलवार को एक तेंदुआ खेत की मेड़ पर लगे तार में फंसा मिला। फसलों की सुरक्षा के लिए लगाए गए इस तार में तेंदुआ सुबह ग्रामीणों ने देखा, जिसके बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल गांव पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया। वनकर्मियों ने ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी पर हटाया और सावधानीपूर्वक तेंदुए को तार से आजाद किया। बचाव अभियान के दौरान तेंदुआ डरा हुआ था, लेकिन टीम की सतर्कता के कारण कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। तेंदुए को सुरक्षित पिंजरे में रखकर बरहवा रेंज कार्यालय परिसर गिरगिटही ले जाया गया। गिरगिटही में कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग से आए पशु चिकित्सक डॉ. दीपक वर्मा के नेतृत्व में चार सदस्यीय मेडिकल टीम ने तेंदुए का गहन स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच में तेंदुआ पूरी तरह स्वस्थ पाया गया और उसके शरीर पर कोई गंभीर चोट नहीं मिली। इससे वन विभाग ने राहत महसूस की। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद वन विभाग ने तेंदुए को उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ने का निर्णय लिया। शाम को उसे सघन और सुरक्षित जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया। जंगल में छोड़े जाने के बाद तेंदुआ तेजी से अंदर की ओर चला गया, जिससे मौके पर मौजूद टीम ने संतोष व्यक्त किया। वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे खेतों में करंटयुक्त या खतरनाक तार न लगाएं। ऐसे तारों से वन्यजीवों के साथ-साथ इंसानों की जान को भी खतरा हो सकता है।
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