बलरामपुर के हरैया थाना क्षेत्र स्थित ग्रामसभा परसपुर कमदा में पांडवकालीन प्राचीन डुड़वानाथ धाम मंदिर की भूमि पर कथित कब्जे का प्रयास किया गया। ग्रामीणों की सतर्कता से यह प्रयास तत्काल रोक दिया गया। यह मंदिर बलरामपुर के राज परिवार द्वारा निर्मित बताया जाता है। मंदिर परिसर में एक प्राचीन कुआं, कथा-प्रवचन के लिए पर्याप्त स्थान और पिछले दस वर्षों से नियमित रूप से आयोजित होने वाली दुर्गा पूजा इसकी धार्मिक और सामाजिक महत्ता को दर्शाती है। दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष बुधराम यादव ने मंदिर का जीर्णोद्धार भी कराया है। आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने मंदिर परिसर की भूमि पर कब्जा करने की नीयत से निर्माण कार्य शुरू कर दिया था। ग्रामीणों ने तत्काल 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवाया। घटनास्थल पर दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष बुधराम यादव, प्रबंधक खेमराज तिवारी, सुभाष मौर्य, रामछबीले गुप्ता, सरजू यादव, राम लोचन और पारस मौर्य सहित कई ग्रामीण मौजूद थे। इन सभी ने मंदिर परिसर को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की। इस मामले को लेकर अखिल भारत हिन्दू महासभा (अ) के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश कुमार द्विवेदी और संजय गिरी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने बलरामपुर के एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मंदिर की ऐतिहासिक धरोहर की सुरक्षा, भूमि से अवैध कब्जा हटाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि डुड़वानाथ धाम केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि गांव की सांस्कृतिक पहचान भी है।
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