बरेली के सैटेलाइट बस स्टैंड पर पार्सल ठेकेदार अनुज पांडेय की दिनदहाड़े हत्या के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। एसएसपी अनुराग आर्य ने हत्या के मुख्य आरोपी नौबत यादव के समूह को संगठित गैंग घोषित कर दिया है। बारादरी थाना प्रभारी धनंजय पांडेय की तहरीर पर गिरोहबंद अधिनियम के तहत मुकदमा भी दर्ज किया गया है। जांच में सामने आया है कि बिथरी चैनपुर के मेहतरपुर निवासी नौबत यादव, जो पेशे से कुली था, धीरे-धीरे बस स्टैंड पर अपना वर्चस्व स्थापित करने के लिए एक आपराधिक समूह बना रहा था। उसके साथ पीलीभीत मूल निवासी दिनेश यादव (वर्तमान में खुर्रम गौंटिया निवासी) और नवादा शेखान निवासी संतोष मौर्य भी सक्रिय थे। इन्हीं तीनों आरोपियों ने 11 फरवरी की शाम भीड़भाड़ वाले बस स्टैंड पर पार्सल ठेके पर कब्जे को लेकर अनुज पांडेय की गोली मारकर हत्या कर दी थी। अतुल पांडेय द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में कई कुलियों के नाम शामिल थे। हालांकि, विवेचना के दौरान राजन, कामते, नन्हे, वायू, उनरार और सुनील कश्यप की हत्या में कोई भूमिका नहीं पाई गई। सीओ तृतीय पंकज श्रीवास्तव की निगरानी में जांच पूरी होने के बाद इन नामों को चार्जशीट से हटा दिया गया है। एसएसपी द्वारा गैंग चार्ट मंजूर किए जाने के बाद पुलिस ने नौबत यादव गैंग की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। अब पुलिस उनकी संपत्तियों की जांच करेगी, आय के स्रोतों की पड़ताल करेगी और बस स्टैंड पर उनके नेटवर्क व दबदबे को खंगालेगी। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
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