बरेली पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है, जो मासूम मजदूरों के नाम पर फर्जी कंपनियां बनाकर करोड़ों का काला धन इधर-से-उधर कर रहा था। एसपी साउथ अंशिका वर्मा के निर्देशन में भुता पुलिस ने दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह खेल तब खुला जब एक जरी कारीगर के पास डेढ़ करोड़ का इनकम टैक्स नोटिस पहुँचा। झांसा: ‘तुम जरी के छोटे कारीगर हो, तुम्हें एक्सपोर्टर बनाएंगे’
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी शाहिद ने अपने ही गांव के रहने वाले शब्बू पुत्र जाबिर को बड़े सपने दिखाए। शाहिद ने कहा- “तुम जरी का अच्छा काम करते हो, तुम्हारा काम विदेश तक फैला देंगे।” इसी लालच में शब्बू का आधार और पैन कार्ड ले लिया गया। आरोपियों ने शब्बू के नाम पर M/S सत्य साहब ट्रेडर्स नाम की फर्जी फर्म बनाई और HDFC व पंजाब एंड सिंध बैंक में ‘म्यूल अकाउंट’ खुलवा लिए। खुलासा: जब बैंक ने कहा- ‘डेढ़ करोड़ का टैक्स जमा करो’
शब्बू को भनक तक नहीं थी कि उसके नाम पर करोड़ों का खेल हो रहा है। जब वह सामान्य लेनदेन के लिए बैंक पहुँचा, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। बैंक अधिकारियों ने बताया कि उसकी फर्म पर 1.5 करोड़ रुपये की टैक्स लायबिलिटी निकली है। घबराए शब्बू ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद एसपी साउथ ने जांच की कमान संभाली। इस तरह फैला था ‘हवाला’ और ‘GST फ्रॉड’ का जाल
इस पूरे काले कारोबार को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने कागजों पर फर्जी कंपनियों की एक लंबी फौज खड़ी कर रखी थी। जांच में सामने आया कि ‘सत्य साहब ट्रेडर्स’ नाम की फर्म के जरिए महज एक साल में 24 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन किया गया। जब पुलिस ने धरातल पर जांच की, तो पता चला कि इसके अलावा महावीर ट्रेडिंग कंपनी, महाकाल ट्रेडर्स और सुमित ट्रेडर्स जैसी कई अन्य फर्में भी संचालित की जा रही थीं, जो भौतिक रूप से कहीं अस्तित्व में ही नहीं थीं। इन फर्जी फर्मों के नाम पर जाली बिल और इनवॉइस तैयार किए जाते थे ताकि बड़े पैमाने पर जीएसटी चोरी की जा सके। पुलिस को संदेह है कि इन खातों का इस्तेमाल न केवल टैक्स बचाने बल्कि हवाला के जरिए पैसे को ठिकाने लगाने के लिए भी किया जा रहा था। प्रथम दृष्टया यह GST फ्रॉड का मामला है, लेकिन जिस तरह से खातों में पैसा आ रहा है, इसमें हवाला नेटवर्क के शामिल होने का गहरा संशय है। शाहजहाँपुर का एक व्यक्ति नीतू गुप्ता भी रडार पर है।
– अंशिका वर्मा, एसपी साउथ, बरेली मास्टरमाइंड: जलालाबाद का नीतू गुप्ता चला रहा 12 ‘शेल कंपनियां’
जांच में शाहजहाँपुर के जलालाबाद निवासी नीतू गुप्ता का नाम प्रमुखता से उभरा है। पुलिस के मुताबिक, नीतू गुप्ता ऐसी 10-12 शेल कंपनियां (फर्जी कंपनियां) चला रहा है। अमित और शाहिद उसके लिए ‘म्यूल अकाउंट’ और डमी फर्म्स तैयार करने का काम करते थे। इन खातों की चेकबुक और नेट बैंकिंग का एक्सेस भी आरोपी अपने पास ही रखते थे। कौन है आरोपी और बरामदगी
पुलिस टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर घेराबंदी करते हुए कस्बे के उदयपुर पुलिया के पास से दो व्यापारियों को गिरफ्तार किया है। इसमें पहला आरोपी शाहिद उम्र 38 वर्ष पुत्र जमील अहमद है, जो मूल रूप से ग्राम केसरपुर, थाना भुता का रहने वाला है और वर्तमान में एजाज नगर गौटिया पुराना शहर, बारादरी में रह रहा था। दूसरा आरोपी अमित गुप्ता उम्र 38 वर्ष पुत्र रामधुन गुप्ता है, जो सुनारो वाली गली, काकर टोला थाना बारादरी का निवासी है। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने शाहिद की तलाशी में उसकी जेब से एक ओप्पो कंपनी का मोबाइल और 3,000 रुपये नकद बरामद किए हैं, वहीं अमित गुप्ता के कब्जे से एक रेडमी मोबाइल और 3,000 रुपये नकद बरामद हुए हैं। इन सख्त धाराओं में की गई कानूनी कार्रवाई
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। व्यापारियों पर धोखाधड़ी के लिए धारा 318(4), कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के लिए धारा 338, 336(3) व 340(2), आपराधिक डराने-धमकाने के लिए धारा 351(3) और पूरे मामले की साजिश रचने के लिए धारा 61(2) के तहत कार्रवाई की गई है।
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