बरेली में गन्ने के खेत में बुजुर्ग किसान का शव मिला है। किसान के गर्दन और पैरों पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ किए गए वार का निशान मिला है। वह एक दिन पहले खेत पर बरसीम काटने गया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाया है। परिजनों ने एक दिन पहले ही गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाया था। परिजनों ने पुरानी रंजिश में हत्या का आरोप लगाया है। घटना से जुड़ी तीन तस्वीरें… अब जानिए पूरा मामला… यह मामला शेरगढ़ थाना क्षेत्र के डूंगरपुर देहात गांव का है। किसान रामदास शुक्रवार की दोपहर में करीब 2 बजे गांव के पास नहर किनारे स्थित अपने खेत पर बरसीम काटने गए थे। देर शाम तक जब वह घर नहीं लौटे तो परिजनों ने फोन से संपर्क करने की कोशिश की। लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मे परिजनों की तहरीर पर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर बुजुर्ग की आसपास तलाश की। लेकिन किसान का कोई सुराग नहीं लग सका। पुलिस और परिजन की ओर से शनिवार यानी कि आज चलाए जा रही तलाशी अभियान के दोरान गांव के किनारे एक सागौन के खेत में बरसीम का बोरा मिला। जबकि कुछ ही दूरी पर गन्ने के खेत में किसान का शव पड़ा हुआ था। किसान के गर्दन, पीठ और पैर पर धारदार हथियार से कट के निशान मिले। यह देखकर परिवार में कोहराम मच गया। सूचना फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। अपने दल बल के साथ पहुंचे थाना प्रभारी राजेश कुमार मामले की जांच पड़ताल में जुट गए। घटनास्थल पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने भी नमूने एकत्र किए। वहीं, थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि शव का पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। मृतक के पुत्र मोहित ने किसी भी प्रकार की वर्तमान रंजिश से इनकार किया है। फिलहाल पुलिस ने हत्या के अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। एसओजी की टीम भी मामले की जांच में उतर गई है। पुराना विवाद भी जांच के घेरे में
मृतक रामदास मूल रूप से कोतवाली देवरनिया क्षेत्र के गांव रहपुरा घनश्याम का रहने वाला था। करीब 50 वर्ष पूर्व वह परिवार सहित अपनी ननिहाल शेरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव डूंगरपुर देहात में आकर बस गया था। मृतक के चार बेटियां और एक बेटा है। एक बेटी सुमन अभी अविवाहित है, जो स्नातक उत्तीर्ण है। पत्नी मुन्नी देवी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। किसान रामदास का करीब 15 साल पहले खेत के निकास को लेकर गांव के एक व्यक्ति से विवाद हुआ था। उस दौरान दोनों पक्षों में मारपीट भी हुई थी। बाद में किसान पर धारदार हथियार से हमला किया गया था, जिसमें वह बाल-बाल बच गया था। हालांकि, उस मामले में दर्ज अभियोग का निस्तारण हो चुका है। पुलिस अब इस पुराने विवाद को भी हत्या से जोड़कर जांच कर रही है।
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