हाथरस में केंद्र सरकार के बजट को भाजपा ने जहां जनकल्याणकारी बताया है तो विपक्ष ने इसे निराशाजनक बताया है। किसानों को उम्मीद थी कि इस बजट में किसान सम्मान निधि में वृद्धि की जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। किसान मुकेश शर्मा ने कहा कि बजट में किसानों को कुछ खास नहीं मिला और सम्मान राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। व्यापारी राकेश अग्रवाल ने बताया कि उन्हें टैक्स में कोई राहत नहीं मिली है और टैक्स स्लैब को यथावत रखा गया है। सीए बोले करदाताओं को मिलेगी राहत कॉस्ट अकाउंटेंट प्रशांत वार्ष्णेय के अनुसार आयकर रिटर्न को संशोधित करने की अंतिम तिथि 31 मार्च तक बढ़ा दी गई है, जिससे करदाताओं को राहत मिली है। सीए गुलशन वार्ष्णेय ने भी आयकर स्लैब दरों में कोई परिवर्तन न होने को बजट की महत्वपूर्ण विशेषता बताया। उन्होंने कहा कि इस बजट में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) को विशेष प्राथमिकता दी गई है। सरकार ने MSME के लिए ऋण सुविधा, क्रेडिट गारंटी, डिजिटलीकरण और अनुपालन को सरल बनाने पर जोर दिया है। सीए प्रतीक अग्रवाल ने बताया कि सरकार ने बजट में खर्च और आमदनी के बीच संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया है। अगले वित्तीय वर्ष के लिए सरकारी घाटा देश की कुल आय का 4.3 प्रतिशत निर्धारित किया गया है, जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत रहने की उम्मीद है। बजट पर पार्टी जिलाध्यक्षों की अलग-अलग राय भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाहा ने इस बजट को सर्व समावेशी, देश के जन-जन और हर क्षेत्र के सर्वांगीण कल्याण का बजट बताया है। यह बजट विकसित भारत के संकल्प को साकार करने वाला है। इधर, कांग्रेस जिलाध्यक्ष विवेक उपाध्याय का कहना है कि बजट आम जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता। यह बजट महंगाई, बेरोज़गारी और किसानों की बदहाली जैसे ज्वलंत मुद्दों पर पूरी तरह मौन है। युवाओं के लिए न ठोस रोज़गार योजना है, न ही किसानों को लागत के अनुरूप MSP की गारंटी।सपा जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह कुशवाहा का कहना है कि बजट अत्यन्त निराशाजनक है। बजट से लोगों को काफी उम्मीदें थी,लेकिन सरकार उन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरी। बजट में गरीबों,युवाओं,मजदूरों, महिलाओं के लिए कुछ नहीं है।
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