मऊ जिले के जिन किसानों ने अभी तक ‘फार्मर रजिस्ट्री’ नहीं कराई है, उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) की अगली किस्त से वंचित होना पड़ सकता है। इसके साथ ही, अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिलना बंद हो जाएगा। जिले में अब तक केवल 54 प्रतिशत किसानों ने ही यह रजिस्ट्री करवाई है।जिला कृषि अधिकारी सोम प्रकाश गुप्ता ने बताया कि जनपद के सभी भूमिधर किसानों को फार्मर आईडी के बिना सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। आगामी पीएम किसान किस्त के लाभ से भी वे वंचित हो जाएंगे।फार्मर रजिस्ट्री तैयार करने के लिए जनवरी 2026 तक प्रत्येक ग्राम पंचायत में शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में कृषि विभाग और पंचायत विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों को तैनात किया गया है। किसानों से अपील की गई है कि वे तत्काल अपने ग्राम पंचायत भवन पहुंचकर अपनी फार्मर आईडी बनवाना सुनिश्चित करें। किसान ‘फार्मर रजिस्ट्री यूपी’ ऐप पर स्वयं भी पंजीकरण कर सकते हैं। इसके अलावा, वे अपने आधार कार्ड, समस्त खतौनी और आधार से पंजीकृत मोबाइल नंबर के साथ किसी भी नजदीकी जन सेवा केंद्र पर जाकर वेब पोर्टल https://ift.tt/hIQEfWd पर अपनी फार्मर आईडी बनवा सकते हैं। इस आईडी को राजस्व विभाग के लेखपाल द्वारा अनुमोदित किया जाएगा।फार्मर रजिस्ट्री कराने के बाद किसानों को विभिन्न विभागों की योजनाओं, पीएम किसान और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कृषि उत्पादों के विपणन का लाभ लेने के लिए फार्मर आईडी का उपयोग करना होगा। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ त्वरित मिलेगा और बार-बार अभिलेख उपलब्ध कराने की आवश्यकता नहीं होगी। अधिक जानकारी के लिए किसान अपने निकटतम राजकीय कृषि बीज गोदाम या कृषि विभाग के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।आयोजित किए जा रहे इन शिविरों का आकस्मिक निरीक्षण जनपदीय अधिकारियों के साथ-साथ मुख्य विकास अधिकारी और जिलाधिकारी द्वारा भी किया जाएगा।
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