फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर श्रीरामनगरिया मेला शनिवार से शुरू हो गया है। हजारों की संख्या में संत और श्रद्धालु कल्पवास के लिए गंगा तट पर पहुंच गए हैं। यहां तंबुओं का एक शहर बस गया है, जहां अध्यात्म और संस्कृति का संगम देखने को मिलेगा। श्रद्धालु जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति और आराध्य की कृपा प्राप्त करने की कामना से यहां आए हैं। भक्ति, भजन और स्नान-दान के माध्यम से वे अपनी आस्था व्यक्त करेंगे। कल्पवासी आधुनिक सुख-सुविधाएं छोड़कर तंबुओं और झोपड़ियों में अपनी गृहस्थी सजा चुके हैं। कल्पवास के दौरान, श्रद्धालु तीन समय स्नान-दान और भजन में लीन रहेंगे। यह मेला प्रयागराज संगम के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा माघ मेला है, जो गंगा की पवित्र रेती में लगता है। शनिवार, 3 जनवरी को पूर्णिमा स्नान के साथ इसका औपचारिक उद्घाटन होगा। शहर का पांचाल घाट, जहां गंगा बनारस की तरह चंद्राकार आकार में बहती हैं, ‘अपर काशी’ के नाम से भी जाना जाता है। महाभारतकालीन यह घाट ब्रिटिश काल में जलमार्ग से व्यापार का प्रमुख केंद्र रहा है। मेला लगभग 3 किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है, जहां रंग-बिरंगे शिविर और कुटिया सज चुकी हैं। इस पावन उत्सव में एक माह तक कल्पवासी घरों की सुख-सुविधाओं को त्यागकर तंबू-झोपड़ी में रहकर कठिन व्रत और साधना करेंगे। वे गृहस्थी की झंझटों से मुक्त होकर संन्यासियों का जीवन व्यतीत करते हुए स्वयं का कायाकल्प करने और जीते जी मोक्ष प्राप्त करने की कामना से यहां पहुंचे हैं। धर्म ध्वजा के साथ राष्ट्र धर्म की पताका भी लहरा रही है। पास पड़ोस के जनपदों से भी आते श्रद्धालु कल्पवास करने के लिए मेला श्री राम नगरिया में जनपद के अलावा हरदोई शाहजहांपुर बरेली बदायूं पीलीभीत मैनपुरी कन्नौज लखीमपुर खीरी सीतापुर सहित अन्य जनपदों से भी बड़ी संख्या में साधक मां गंगा के तट पर पहुंचते हैं। जहां एक माह तक भगवान की भक्ति में लीन रहते हैं। कई राज्यों से पहुंचे हैं संत पांचाल घाट पर कल्पवास करने के लिए कई राज्यों से संत यहां आए हैं। यहां जूना अखाड़ा, अग्नि अखाड़ा, आवाहन अखाड़ा, निर्मोही अखाड़ा व दांडी संतो के शिविर लगा चुके हैं। इसके अलावा प्रेमदास बाबा छत वाले स्वामी श्यामानंद कपिल देव महाराज स्वामी नर्मदानंद पागल बाबा स्वामी अवध बिहारी दास सुबोध आश्रम सहित बड़ी संख्या में संध्या पहुंचे हुए हैं। सांस्कृतिक पंडाल में दिन और रात में होंगे कार्यक्रम पांचाल घाट पर लगे मेला श्री रामनगरिया में सांस्कृतिक पंडाल भी बनाया गया है। इसमें दिन और रात के अलग-अलग कार्यक्रम रखे गए हैं जो पूरे माह चलेंगे। इसके अलावा पंडाल के पास ही विकास प्रदर्शनी भी लगाई जा रही है। इसमें 41 स्टार लगाए जाएंगे। वहीं सूचना विभाग द्वारा भी प्रदर्शनी लगाई गई है। प्रशासन द्वारा मेला में 24 घंटे चिकित्सा की सुविधा दी जाएगी इसके लिए एलोपैथिक, होम्योपैथिक आयुर्वेदिक अस्पताल बनाए।
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