फिरोजाबाद साइबर क्राइम पुलिस ने फर्जी लोन ऐप और अवैध सिम बेचने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल फोन, थम्ब इम्प्रेशन मशीन और बड़ी संख्या में सिम कार्ड बरामद किए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित के निर्देश पर चलाए जा रहे साइबर अपराध विरोधी अभियान के तहत यह सफलता मिली। अपर पुलिस अधीक्षक नगर के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम के नेतृत्व में टीम ने भारत सरकार के समन्वय तथा प्रतिबिम्ब पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की गहन जांच के बाद यह कार्रवाई की। पुलिस जांच में सामने आया कि अभियुक्तों ने ‘महान किट प्रा.लि.’ नाम से एक फर्जी फर्म बनाई थी। इसके जरिए कई फर्जी लोन ऐप तैयार कर प्ले स्टोर और एप्पल स्टोर पर लॉन्च किए गए। इन ऐप्स को डाउनलोड करने वाले लोगों के यूपीआई पर कुछ रुपये भेजकर उन्हें लोन दिखाया जाता था और परमिशन के नाम पर उनके मोबाइल का पूरा डेटा एक्सेस कर लिया जाता था। इसके बाद ऊंची ब्याज दर पर वसूली की जाती थी। यदि पीड़ित भुगतान नहीं कर पाते थे, तो उनकी तस्वीरें एडिट कर उन्हें और उनके परिजनों को भेजकर डराया और बदनाम किया जाता था। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह अब तक लगभग 800 लोगों से ठगी कर चुका है। गिरोह के दो सदस्य बाहर से आए मजदूरों और अशिक्षित लोगों के नाम पर सिम कार्ड चालू कराते थे। वे इन सिमों को संबंधित व्यक्ति को न देकर, उन्हें महंगे दामों पर तथाकथित रिकवरी एजेंटों को बेच देते थे। इन अवैध सिम कार्डों का उपयोग साइबर अपराधों को अंजाम देने के लिए किया जाता था। पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से 2 लैपटॉप, 6 मोबाइल फोन, 18 सिम कार्ड और 1 थम्ब इम्प्रेशन रीडिंग मशीन बरामद की है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में राघव (पुत्र शिवनन्दन, जहारवीर नगर, सिरसागंज), रजनीश (पुत्र श्रीकृष्ण यादव, कौरारा रोड बाईपास, सिरसागंज), सोनू (पुत्र सर्वेश कुमार, जहारवीर नगर, सिरसागंज), नीलेश (पुत्र रामप्रवेश, कुतुबपुर, नसीरपुर) और पुष्पेन्द्र (पुत्र रवीश कुमार, नगला कन्ही, खैरगढ़) शामिल हैं। गिरोह का मैनेजर महेश कुमार, जो गुरुग्राम (हरियाणा) का निवासी है, अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
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