मऊ जिले में राज्यकर विभाग की जांच में एक बड़े जीएसटी फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। कबाड़ पिघलाने के नाम पर फर्जी कंपनी बनाकर करीब 37.57 लाख रुपये की जीएसटी चोरी की गई। इस मामले में पंजाब निवासी एक फर्म संचालक आरोपी है। अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने बताया कि राज्यकर विभाग के कमिश्नर की जांच के बाद हलधरपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। जीएसटी चोरी के उद्देश्य से हलधरपुर थाना क्षेत्र में कबाड़ पिघलाने की एक फर्जी कंपनी खोली गई थी। इस फर्म का संचालक पंजाब के चरनजीत सिंह हैं। एएसपी अनूप कुमार के अनुसार, मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि इस फर्जी कंपनी के गठन में विभाग के किन अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका रही, किसने जीएसटी पंजीकरण को मंजूरी दी और इसके संचालन में कौन-कौन लोग शामिल थे। मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी। प्राथमिकी के मुताबिक, चरनजीत सिंह ने 26 सितंबर 2019 को ‘श्रीरामजी ट्रेडर्स’ के नाम से जीएसटी पंजीकरण कराया था। यह पंजीकरण हलधरपुर थाना क्षेत्र के मानिकपुर भदांव में कबाड़ पिघलाने की फैक्ट्री और अन्य सामानों की खरीद-फरोख्त दिखाने के आधार पर किया गया था। चरनजीत सिंह पंजाब प्रांत के संगरूर जनपद के हथान निवासी हैं। जांच में सामने आया कि फर्म ने वित्तीय वर्ष 2019-20 में 2 करोड़ 93 लाख 68 हजार 422 रुपये की बिक्री दिखाकर 52 लाख 86 हजार 316 रुपये का टैक्स भुगतान स्वीकार किया था। हालांकि, 2 करोड़ 93 लाख 65 हजार 576 रुपये की फर्जी बिक्री दर्शाकर 52 लाख 85 हजार 804 रुपये का फर्जी टैक्स क्रेडिट अन्य फर्मों को लाभ पहुंचाने के लिए दिखाया गया। फिलहाल, हलधरपुर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। राज्यकर विभाग और पुलिस द्वारा इस पूरे फर्जीवाड़े की गहन जांच की जा रही है।
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