फतेहपुर में यमुना नदी के बरहमकुंड से 29 दिसंबर को नग्न अवस्था में मिले अज्ञात महिला के शव की गुरुवार को शिनाख्त का दावा किया गया। पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे एक परिवार ने शव को अपनी बेटी बताया। परिजनों ने ससुराल पक्ष पर दहेज हत्या कर शव नदी में फेंकने का गंभीर आरोप लगाया है। मामला असोथर थाना क्षेत्र का है। युवती की पहचान राधिका देवी के रूप में की गई है। राधिका की बहन विनीता देवी ने बताया कि राधिका की शादी छह महीने पहले हुई थी। आरोप है कि 4 दिसंबर को ससुराल वालों ने उसे गायब कर दिया था। परिवार की तहरीर पर पहले ही ससुराल पक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। लेकिन परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। प्राइवेट पार्ट में गंभीर चोटें विनीता ने बताया कि 29 दिसंबर को नदी में शव मिलने की सूचना पर परिवार मौके पर पहुंचा। कद-काठी के आधार पर पहचान की। उन्होंने आरोप लगाया कि पहचान मिटाने के लिए चेहरे को ज्वलनशील पदार्थ से जलाया गया। प्राइवेट पार्ट में गंभीर चोटें हैं। भाई सौरभ ने कहा कि उन्होंने डीएम और एसपी से न्याय की गुहार लगाई थी। लेकिन सुनवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि यदि थाना पुलिस पहले सक्रिय होती तो बहन की जान बच सकती थी। मां शिवकली ने बताया कि राधिका का विवाह 5 जून को दीपू सिंह निवासी बनरसी का पुरवा, थाना ललौली से हुआ था। विवाह में नकद दो लाख रुपए सहित दहेज दिया गया। लेकिन इसके बावजूद अतिरिक्त दो लाख रुपए की मांग को लेकर राधिका को प्रताड़ित किया गया। ससुराल पक्ष के खिलाफ पहले ही मुकदमा दर्ज तहरीर के अनुसार, 4 दिसंबर की रात करीब 3 बजे राधिका के मोबाइल से भाई के फोन पर मैसेज आया- “मुझे बचाओ, ये लोग मुझे मार रहे हैं।” इसके बाद राधिका का फोन बंद हो गया। सुबह ससुराल पहुंचने पर कोई जानकारी नहीं दी गई। उसी दिन थाना ललौली में एफआईआर दर्ज हुई। परिजनों का आरोप है कि कार्रवाई नहीं हुई। असोथर थाना प्रभारी शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि नदी से एक अज्ञात महिला का शव मिला था। जिसकी पहचान के स्पष्ट संकेत नहीं बचे हैं। इसलिए डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। ताकि शिनाख्त की वैज्ञानिक पुष्टि हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि मृतका की मां की तहरीर पर ससुराल पक्ष के खिलाफ पहले ही मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। मामले की जांच जारी है।
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