प्रयागराज में नाबालिग लड़कियों के ओवा एक्सट्रैक्शन यानि अंडाणु निकालकर बेचने वाले रैकेट का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में आईवीएफ की एजेंट समेत 5 आरोपियों को हिरासत में लिया है। आरोपियों ने नाबालिग लड़की को बालिग और शादीशुदा बताया और उसके फर्जी डॉक्यूमेंट बनवाए। इसके बाद नाबालिग लड़की को आईफोन और 10 हजार रुपए का लालच देकर ओवा एक्सट्रैक्शन लिए तैयार किया। लड़की की मां का कहना है कि- मेरी बेटी की सहेली और उसकी मां दोनों मुस्लिम हैं। उन्होंने ही मेरी बेटी का ब्रेनवॉश किया। इसके बाद लालच देकर उसका ओवा एक्सट्रैक्शन कराया। मेरी बेटी को मेरे ही खिलाफ कर दिया। वह उन्हीं साथ रहने के लिए कहती है। पूरा मामला फाफामऊ थाना क्षेत्र का है। अब पूरा मामला जानिए… पुलिस की जांच में क्या आया जानिए… डीसीपी गंगा नंगर कुलदीप गुणावत ने बताया- फाफामऊ की रहने वाली अनीता गौतम (पत्नी लवकुश गौतम) ने 6 फरवरी को थाने में तहरीर दी थी। अनीता गौतम ने बताया- मैं किराये पर कमर लेकर रहती हूं। मेरे तीन बच्चे हैं। परिवार चलाने के लिए मैं घरों में काम करती हूं। मेरे पास वाले कमरे में पलक उर्फ जोया और उसकी मां रिंकी रहती है। मैं दिनभर बाहर रहती हूं। ऐसे में मेरे बच्चे उन्ही के पास खेलते रहते हैं। 15 साल की सबसे बड़ी बेटी का पलक हेला और उसकी मां रिंकी ने ब्रेनवॉश कर दिया। उसे मेरे खिलाफ भड़का दिया। बेटी को 10 हजार रुपए और फोन का लालच दिया। इसके बाद बेटी को IVF सेंटर ले जाकर अवैध रूप से ओवा एक्सट्रैक्शन कराया दिया। अनीता ने मामले में तहरीर दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। लालच देकर डोनर बनने के लिए तैयार किया जांच के दौरान बेटी के चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के सामने किशोरी का बयान दर्ज किए गए। इस दौरान लड़की ने कहा- मुझे मेरी मां परेशान करती है और मुझे घर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद मैं अपनी सहेली के साथ आईवीएफ सेंटर पर गई थी। इसके बदले में मुझे 10 हजार रुपए मिले थे। वहीं, लड़की अनीता का कहना है कि मेरे बेटी को पूरी तरह पलक उर्फ जोया ने अपने काबू में ले लिया। लड़की की जोया और उसकी मां ने रुपए का लालच देकर उसे डोनर बनने के लिए तैयार किया। फर्जी दस्तावेज तैयार कराए पुलिस जांच में सामने आया कि- पलक और रिंकी, नाबालिग लड़की को सीमा भारती (पत्नी दिलीप भारती) के पास लेकर गईं। सीमा भारती ने अपने बेटे हिमांशु भारती के जरिए पीड़िता का फर्जी आधार कार्ड बनवाया। फर्जी दस्तावेजों में नाबालिग को बालिग और विवाहित दिखाया गया। इसके बाद सीमा भारती, पीड़िता को कल्पना भारती के पास लेकर गई। कल्पना भारती IVF की रजिस्टर्ड एजेंट है। कल्पना भारती ने फर्जी आधार के आधार पर फर्जी कंसेंट एफिडेविट (Consent Affidavit) तैयार कराया। इसके बाद उसी फर्जी आधार कार्ड और फर्जी कंसेंट के जरिए IVF सेंटर में नाबालिग का ओवा एक्सट्रैक्शन कराया गया। इन सभी तथ्यों के आधार पर पुलिस ने अब तक पलक हेला, उसकी मां रिंकी, सीमा भारती, हिमांशु भारती, कल्पना भारती और एक अन्य आरोपी को हिरासत में लिया है। 30 से 35 हजार रुपए तक कमीशन डीसीपी कुलदीप सिंह गुणावत ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया कि एक ग्राहक के लिए तकरीबन 30 से 35 हजार रुपए तक का कमीशन दिया जाता है। कमीशन के चक्कर में ही गोरखधंधा चल रहा था। इसमें और भी लोगों की भूमिका सामने आ सकती है। आईवीएफ सेंटर के अन्य एजेंट के अलावा और लोगों की भूमिका की भी पुलिस जांच कर रही है। सभी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी। बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के अध्यक्ष अखिलेश कुमार मिश्र ने कहा- चाइल्ड लाइन के जरिए लड़की के बारे में सूचना मिली है, ऐसा लगता है कि उसका ब्रेनवॉश किया गया है। इसलिए लड़की शेल्टर होम में रखा गया है। इतना क्लियर है कि लड़की का ब्रेन वॉश करके अंडाणु निकालने का ऑपरेशन किया गया है। लड़की के बयानों में इस्लाम अपनाने के लिए प्रेरित करने की बात भी सामने आई है। ऐसी कितनी लड़कियां रैकेट में फंसी है, हम जांच करवा रहे हैं। अब सरोगेसी को लेकर भारत में लागू नियम-कानून भी जानिए…
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