धोखाधड़ी के एक पुराने मामले में देवरिया जिला कारागार में बंद पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर का आमरण अनशन शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। इसी बीच, उन्हें कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जिला कारागार से दीवानी न्यायालय लाया गया, जहां सीजेएम न्यायालय में उनकी पेशी कराई गई।शनिवार सुबह भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को जेल से कोर्ट लाया गया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर न्यायालय परिसर और आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा। उन्हें सीजेएम न्यायालय में पेश किया गया, जहां उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी। पिछली सुनवाई में अदालत ने विवेचक को साक्ष्यों के साथ तलब किया था, जो इस दौरान उपस्थित रहे।पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर देवरिया में दर्ज धोखाधड़ी के एक पुराने मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। यह मामला वर्ष 1999 से जुड़ा बताया जा रहा है। गिरफ्तारी के बाद से ही उन्होंने इस मामले को राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित बताया है। शुक्रवार से उन्होंने जिला कारागार में आमरण अनशन शुरू किया था, जो शनिवार को भी जारी रहा। अनशन की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन ने मेडिकल टीम को अलर्ट कर दिया है और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। शुक्रवार को जमानत याचिका पर हुई सुनवाई के दौरान अमिताभ ठाकुर के अधिवक्ता अभिषेक शर्मा ने अदालत में अपना पक्ष रखा। अधिवक्ता ने दलील दी कि जिस मामले में उनके मुवक्किल को गिरफ्तार किया गया है, वह करीब 25 वर्ष पुराना है, लेकिन इतने लंबे समय में भी जांच एजेंसियां कोई ठोस और निर्णायक साक्ष्य प्रस्तुत करने में असफल रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मामले को जानबूझकर लंबित रखा गया और अब अचानक गिरफ्तारी कर दी गई, जो न्यायसंगत नहीं है।
https://ift.tt/2OYz1Qp
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply