फतेहपुर जिले की पूर्व सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति को जन लोकपाल अदालत से बड़ी राहत मिली है। लोकपाल की पांच सदस्यीय बेंच ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में उनके विरुद्ध लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताते हुए उन्हें पूरी तरह क्लीन चिट दे दी है। यह फैसला 2 फरवरी को सुनाया गया। पूर्व सांसद कार्यालय के प्रवक्ता और भाजपा जिला मंत्री शिव प्रताप सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष भाजपा के तत्कालीन जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल ने राजनीतिक द्वेष भावना से ग्रसित होकर साध्वी निरंजन ज्योति के विरुद्ध मोर्चा खोला था। मुखलाल पाल ने प्रेस और सोशल मीडिया के माध्यम से साध्वी पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोप लगाए थे। तत्कालीन जिलाध्यक्ष ने साध्वी के साथ-साथ पार्टी के दो अन्य स्थानीय बड़े नेताओं को भी निशाने पर लिया था, जिससे जिले की राजनीति में भारी हलचल मची थी। इस संवेदनशील मामले की सुनवाई लोकपाल की पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय बेंच ने की, जिसमें जस्टिस एएम खानविलकर, संजय यादव, सुशील चंद्र, ऋतुराज अवस्थी और अजय तिर्की शामिल थे। साध्वी निरंजन ज्योति की ओर से अधिवक्ता जगदीश चंद्र ने कोर्ट में अपना पक्ष रखा और हलफनामे के माध्यम से विपक्षी द्वारा लगाए गए प्रत्येक आरोप का साक्ष्यों के साथ खंडन किया। न्यायालय ने साक्ष्यों के अवलोकन के बाद पाया कि साध्वी के विरुद्ध लगाए गए आरोप केवल उनकी छवि धूमिल करने के उद्देश्य से रचे गए थे। अदालत ने आरोपों में कोई ठोस आधार न पाते हुए मुकदमे को पूरी तरह खारिज कर दिया। शिव प्रताप सिंह ने कहा कि यह सत्य की जीत है और उन लोगों के लिए सबक है जो व्यक्तिगत रंजिश के कारण सार्वजनिक जीवन में सक्रिय नेताओं पर झूठे लांछन लगाते हैं। इस फैसले के बाद समर्थकों में खुशी की लहर है।
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