पीलीभीत जिले के पूरनपुर तहसील क्षेत्र के ढका जमीमा गांव में मतदाता सूची से नाम काटने के नोटिस मिलने से हड़कंप मच गया। गांव के बूथ संख्या 309 पर पंजीकृत 985 मतदाताओं में से लगभग 420 को नाम विलोपन के नोटिस जारी किए गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में नोटिस मिलने से ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति आक्रोश है। समाजवादी पार्टी (सपा) ने इसे एक सोची-समझी साजिश बताया है। सपा के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) कार्यकर्ता उस्मान ने सबसे पहले इस घटना की जानकारी दी और नोटिसों का विरोध किया। उस्मान ने आरोप लगाया कि यह एक विशेष वर्ग और विचारधारा के मतदाताओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से बाहर करने का प्रयास है। मामले की सूचना मिलने पर वरिष्ठ सपा नेता राजकुमार राजू भी गांव पहुंचे। उन्होंने मतदाताओं से मुलाकात कर प्रशासन की इस कार्रवाई को ‘लोकतंत्र की हत्या’ करार दिया। सपा नेताओं का कहना है कि जो लोग वर्षों से गांव में रह रहे हैं और जिनके पास वैध दस्तावेज हैं, उनके नाम भी काटने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने इस कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। इस गंभीर मुद्दे पर शुक्रवार शाम पांच बजे सपा नेता राजकुमार राजू ने अपने कार्यालय पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशासन पीडीए के वोट काटने की साजिश कर रहा है। एक ही बूथ पर लगभग आधे मतदाताओं को नोटिस देना यह दर्शाता है कि यह कार्रवाई निष्पक्ष नहीं है। राजकुमार राजू ने चेतावनी दी कि यदि इन नोटिसों को तत्काल वापस नहीं लिया गया और मतदाताओं को परेशान करना बंद नहीं किया गया, तो समाजवादी पार्टी सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी। उन्होंने चुनाव आयोग से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों में भय और असमंजस
ग्रामीणों का कहना है कि वे इसी गांव के मूल निवासी हैं और पिछले कई चुनावों में मतदान कर चुके हैं। अचानक इतने बड़े स्तर पर नाम काटने की प्रक्रिया से वे अपने भविष्य और मताधिकार को लेकर चिंतित हैं। फिलहाल, इस मामले ने पीलीभीत की सियासत में गरमाहट पैदा कर दी है।
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