पीलीभीत के बरखेड़ा क्षेत्र में बिजली विभाग की कथित मनमानी और भ्रष्टाचार के खिलाफ क्षेत्रीय विधायक स्वामी प्रवक्तानंद ने कड़ा रुख अपनाया है। किसानों को भारी-भरकम बिजली बिल भेजे जाने की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विधायक शुक्रवार को अचानक विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता (ईई) के कार्यालय पहुंच गए। उनके निरीक्षण से विभाग में हड़कंप मच गया। जबकि जूनियर इंजीनियर (जेई) सुनील वर्मा विधायक को देखते ही मौके से भाग खड़े हुए। विधायक स्वामी प्रवक्तानंद को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि जेई सुनील वर्मा किसानों के बिजली बिलों में मनमाने तरीके से बढ़ोतरी कर रहे हैं। हाल ही में एक गरीब किसान का करीब 10 हजार रुपये का बिल बढ़ाकर 80 हजार रुपये कर दिया गया, जिससे किसान आर्थिक संकट में आ गया। पीड़ित किसान ने विधायक से मदद की गुहार लगाई, जिसके बाद विधायक स्वयं किसानों के साथ बिजली विभाग के कार्यालय पहुंचे। विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल कार्यालय पहुंचते ही विधायक ने अधिशासी अभियंता के सामने अपना कड़ा आक्रोश जताया और विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाते हुए कहा,
“मैं यहां गरीबों और किसानों के वोट से बैठा हूं। अगर विभाग के कर्मचारी इसी तरह लूट-मार और भ्रष्टाचार करेंगे, तो इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” विधायक ने आरोप लगाया कि जेई सुनील वर्मा न केवल किसानों के बिल बढ़ा रहे हैं, बल्कि उच्चाधिकारियों को भी गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जब उन्होंने फोन पर जेई से बात करने का प्रयास किया, तो जेई ने उनके साथ बदतमीजी की और धमकाने की कोशिश की। किसानों की तत्काल मदद करने के निर्देश दिए स्वामी प्रवक्तानंद ने अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए कि पीड़ित किसानों की तत्काल मदद की जाए और गलत तरीके से बढ़ाए गए बिजली बिलों में सुधार कराया जाए। साथ ही जेई को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ, तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। विधायक ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार गरीबों और किसानों के हित में काम कर रही है, लेकिन विभाग के कुछ कर्मचारी भ्रष्टाचार कर सरकार की छवि धूमिल कर रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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